ये जादू नहीं…राशन की बोरी खुली तो निकला कंकाल और हड्डियां

एक नज़र में खबर

* टीकमगढ़ के नन्नी टेहरी गांव की सरकारी राशन दुकान का मामला।
* अनाज की बोरियों में मिले जानवरों के सिर और पैरों की हड्डियां।
* ग्रामीणों ने दूषित राशन लेने से किया साफ इनकार।
* खाद्य विभाग ने पूरा स्टॉक सीज कर जांच शुरू की।
* दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग तेज।

मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले से सरकारी राशन वितरण व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। जिले के नन्नी टेहरी गांव की शासकीय उचित मूल्य दुकान में गरीबों को दिए जाने वाले राशन की बोरियों से जानवरों के कंकाल और हड्डियां मिलने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, जब ग्रामीण हर महीने की तरह राशन लेने दुकान पहुंचे और वितरण के लिए अनाज की बोरियां खोली गईं, तो उनमें से जानवरों के सिर और पैरों की सड़ी-गली हड्डियां निकलने लगीं। यह नजारा देखकर मौके पर मौजूद लोग दंग रह गए और देखते ही देखते पूरे गांव में आक्रोश फैल गया।
राशन लेने से किया इनकार
अनाज की हालत देखकर ग्रामीणों और महिला हितग्राहियों ने राशन लेने से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना है कि जिस अनाज में जानवरों के अवशेष मिले हों, उसे किसी भी हाल में खाने योग्य नहीं माना जा सकता।
सवालों के घेरे में खाद्य विभाग
इस घटना ने राशन की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि वेयरहाउस से लेकर राशन दुकान तक पहुंचने के दौरान बोरियों की जांच क्यों नहीं हुई? साथ ही यह भी जांच का विषय है कि इतनी बड़ी लापरवाही आखिर किस स्तर पर हुई।
पूरा स्टॉक सीज, जांच शुरू
मामले की सूचना मिलते ही खाद्य निरीक्षक सार्थक तिवारी मौके पर पहुंचे और राशन दुकान में रखा पूरा स्टॉक सीज कर दिया। उन्होंने बताया कि हितग्राहियों को जल्द नया राशन उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि दूषित अनाज किस गोदाम या सप्लाई चेन से आया। ग्रामीणों ने उच्च स्तरीय जांच  की मांग और जिम्मेदार अधिकारियों व दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।