आखिर ये सब हो कैसे रहा…?

Newjline.com report

Highlights
🔴 20.47 करोड़ रुपये के कथित ब्लॉक शिक्षा घोटाले में ईडी ने दाखिल की अभियोजन शिकायत।
🔴 इंदौर की विशेष पीएमएलए कोर्ट में 9 जुलाई 2026 को चार्जशीट पेश।
🔴 फर्जी बिलों के जरिए सरकारी राशि के गबन का आरोप।
🔴 कमल राठौर समेत अन्य आरोपी ईडी के रडार पर।
🔴 गबन की रकम से धार जिले में कृषि भूमि खरीदने का खुलासा।
🔴 पहले ही 4.43 करोड़ की संपत्तियां और 56 भूखंड किए जा चुके हैं अटैच।
🔴 विशेष न्यायालय ने आरोपियों को नोटिस जारी किए, जांच अभी जारी।

मध्य प्रदेश के बहुचर्चित 20.47 करोड़ रुपए के ब्लॉक शिक्षा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शिकंजा और कस दिया है। 9 जुलाई 2026 को ईडी ने विशेष न्यायालय (पीएमएलए), इंदौर में अभियोजन शिकायत दाखिल की गई है। मामला फर्जी बिलों के जरिए सरकारी धन के गबन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा बताया जा रहा है।
ईडी की जांच वर्ष 2018 से 2023 के बीच दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। जांच में मुख्य आरोपी कमल राठौर समेत अन्य लोगों पर सरकारी राशि को फर्जी बिलों के माध्यम से निकालने और उसका दुरुपयोग करने के आरोप सामने आए हैं।
फर्जी बिलों से निकाली करोड़ों की राशि
जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपियों ने मिलीभगत कर आलीराजपुर कोषागार से फर्जी भुगतान के जरिए सरकारी धन का गबन किया। इसके बाद अपराध से अर्जित रकम को आरोपी और उसके परिवार के सदस्यों द्वारा संचालित विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया और नकद निकासी के जरिए उसे वैध दिखाने की कोशिश की गई।
घोटाले की रकम से खरीदी कृषि भूमि
जांच में यह भी सामने आया है कि कथित गबन की रकम का इस्तेमाल धार जिले के गंधवानी क्षेत्र में कृषि भूमि खरीदने के लिए किया गया। एजेंसी इस लेन-देन की पूरी वित्तीय श्रृंखला की जांच कर रही है।
पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
इस मामले में ईडी पहले ही 4.43 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच कर चुकी है। इसके अलावा 56 आवासीय भूखंड, जिनकी अनुमानित कीमत 5 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है, भी कुर्क किए जा चुके हैं।
अब विशेष न्यायालय ने पूरक अभियोजन शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आरोपियों को नोटिस जारी कर दिए हैं। मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस घोटाले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।