शंकराचार्य बोले भोजशाला में गुरुकुल बनाओ…

* लंदन से मां सरस्वती की मूर्ति लाई जाए, नहीं तो स्फटिक या ग्रेनाइट की प्रतिमा स्थापित की जाए
धार से newjline.com
काशी सुमेर पीठ के शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती आज मंगलवार को मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक नगरी धार आए और सत्याग्रह में सम्मिलित हुए। उन्होंने कहा कि ज्ञानस्थली भोजशाला में गुरुकुल की स्थापना की जाए और लंदन के ब्रिटिश संग्रहालय से मां सरस्वती की मूर्ति लाई जाए। ऐसा न हो सके तो ग्रेनाइट या स्फटिक की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाए।
भोजशाला में पूजा अर्चना के बाद शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि भोजशाला को भविष्य का शिक्षा केंद्र बनाने की आवश्यकता है। इसके लिए यहां गुरुकुल स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा हाईकोर्ट का फैसला और पुरातत्व की रिपोर्ट सनातनियों के संघर्ष और साक्ष्यों की महत्वपूर्ण विजय है। मंदिरों को सरकारीकरण से मुक्त करने की बात भी उठाई और कहा कि देश के करीब पौने लाख मंदिरों को सरकारीकरण से मुक्त किया जाना चाहिए। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर सनातनियों का एक बोर्ड और कमेटी बनाई जाए। चीन और जापान की तरह भारत को भी गुलामी के प्रतीक चिह्न मिटा दिए जाएं।
सीएम बनाएंगे मां सरस्वती लोक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को भोजशाला में पूजा अर्चना के बाद घोषणा की है कि भोजशाला में मां सरस्वती लोक बनाया जाएगा। साथ ही राजा भोज रिसर्च इंस्टीट्यूट भी बनाया जाएगा। शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती ने इसका भी समर्थन किया।
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच गया है। शहर काजी के बाद कमाल मौला वेलफेयर सोसायटी ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर इंदौर हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट में हिन्दू पक्ष की ओर से पहले ही केविएट लगाई जा चुकी है।