इंदौर में बरसों पुराने मकानों के नीचे दौड़ेगी मेट्रो ट्रेन

* अब दौड़ेगा अंडरग्राउंड मेट्रो का काम, चार टनल बोरिंग मशीनों से होगा काम
* सुपर कॉरिडोर से रेडिसन चौराहा तक प्रोजेक्ट को सीएमआरएस की हरी झंडी

Newjline.com news
मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में अंडरग्राउंड मेट्रो ट्रेन का प्रोजेक्ट अब तेज रफ्तार से आगे बढ़ सकेगा, क्योंकि कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) से हरी झंडी मिल गई है। इस हिस्से में बरसों पुराने मकानों के नीचे टनल बनाई जाएगी, जिसमें से होकर मेट्रो चलेगी। प्रोजेक्ट के लिए विदेशों से चार हाईटेक टनल बोरिंग मशीनें मंगाई जाएंगी।
इंदौर में सुपर कॉरिडोर से रेडिसन तक मेट्रो अंडरग्राउंड चलेगी। जल्द ही इसका काम भी शुरू किया जाएगा। संभावना है कि बारिश बाद ये काम शुरू हो सकता है। जून में मानसून आने की संभावना है और जमीन के अंदर टनल बनाना जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए जून में काम शुरू करने की तैयारी ही की जा सकेगी। सीएमआरएस से स्वीकृति मिलने के बाद मेट्रो कॉरपोरेशन ने जर्मनी और थाईलैंड से मशीनें मंगाने की तैयारी शुरू कर दी है। ये मशीन विशेष रूप से इंदौर की भौगोलिक परिस्थितियों और मिट्टी की जांच रिपोर्ट के अनुसार तैयार कराई जा रही हैं। कुछ पार्ट्स जर्मनी से लेकर थाईलैंड में असेंबल कराए जा रहे हैं। मेट्रो रूट में कुछ मकान सौ साल से भी ज्यादा पुराने हैं। चार मशीनों से एक साथ चार अलग अलग जगह काम शुरू किया जाएगा। हालांकि कोशिश की जा रही है कि जुलाई में ही काम शुरू कर दिया जाए। रेडिसन चौराहे तक करीब 17 किलोमीटर का मेट्रो ट्रेन का हिस्सा बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय से हरी झंडी मिलने के बाद ट्रेन इंदौर में दौड़ सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट को पूरी तरह से जमीन पर लाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। मेट्रो को इंदौर से उज्जैन तक लाने की भी तैयारी की जा रही है।