सीएम सिद्धारमैया आज दोपहर 3 बजे देंगे इस्तीफा, मंत्रियों को ब्रेकफास्ट मीटिंग पर बुलाया

* सिद्धारमैया कुछ और समय कुर्सी पर बैठे रहना चाहते थे, लेकिन गांधी परिवार नहीं माना
देशभर में गर्मी अपने चरम पर है और कर्नाटक सरकार में नेतृत्व परिवर्तन की सियासी गर्मी ने सभी को बेचैन कर दिया है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आखिरकार घोषणा कर दी है कि आज दोपहर बाद 3 बजे अपने पद से त्यागपत्र दे देंगे। इसके पहले सिद्धारमैया ने सभी मंत्रियों को ब्रेकफास्ट मीटिंग पर बुलाया और यह घोषणा की। राज्य की कमान संभालने के लिए डीके शिवकुमार भी बेंगलुरु पहुंच गए। सियासी पारा इसलिए भी चढ़ा, क्योंकि राज्यपाल थावरचंद गेहलोत राज्य में नहीं हैं। दोपहर बाद आएंगे। बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच डीके शिवकुमार एयरपोर्ट से सीधे मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के पास पहुंचे और उनके पैर छूकर आशीर्वाद मांगा। दोनों एकदूसरे से गले भी मिले और पार्टी की एकता का संदेश देने की कोशिश की। कांग्रेस हाइकमान के निर्देश पर यह (कर) नाटक देखने को मिलने की चर्चा है।
ये है अंदर की कहानी…
दरअसल, इस बदलाव की खबर से सिद्धारमैया समर्थक नाराज़ हो गए थे। इसको देखते हुए डीके शिवकुमार तुरंत सिद्धारमैया से मिलने पहुंचे। चर्चा है कि सिद्धारमैया अभी पद छोड़ने के लिए राजी नहीं थे, लेकिन राहुल गांधी ने उनके साथ बंद कमरे में चर्चा की और दो टूक कहा कि अब समय आ गया है कि वे सत्ता डीके शिवकुमार को सौंप दे। सिद्धारमैया ने जातीय जनगणना रिपोर्ट कैबिनेट में पेश करने तक का और समय मांगा था लेकिन राहुल गांधी इसके लिए सहमत नहीं हुए। राहुल गांधी ने कहा कि 2023 में कांग्रेस की जीत के बाद ढाई ढाई साल तक मुख्यमंत्री पद के लिए डीके शिवकुमार के साथ समझौता हुआ था, लेकिन इससे भी ज्यादा समय तक वे सत्ता सम्भाल चुके हैं। राहुल गांधी ने कहा कि पार्टी की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए समझौते को निभाना जरूरी है। सिद्धारमैया ने यह भी बात रखी थी कि 2025 में ढाई ढाई साल का कोई समझौता नहीं हुआ था, लेकिन इस बात को राहुल गांधी के अलावा प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी ने भी कोई तवज्जो नहीं दी।