Newjline.com report
सिर्फ तीन प्वाइंट में जानिए कहानी…
1. डबल मर्डर के बाद घर में मिला कट्टा और दो जिंदा गोलियां शुरुआती जांच में पुलिस ने नहीं कीं जब्त।
2. कई दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, हत्यारों तक पहुंचने वाला कोई बड़ा सुराग नहीं।
3. पुलिस कमिश्नर बोले—वारदात बेहद प्रोफेशनल तरीके से अंजाम दी गई, जांच में कई टीमें जुटीं।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित डबल मर्डर केस में जांच को लेकर एक और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। मृतक दंपति हेमंत फिलोमेन और उनकी पत्नी के घर से घटना के बाद एक कट्टा और दो जिंदा गोलियां मिली थीं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि ऐशबाग पुलिस ने शुरुआती जांच के दौरान इन्हें जब्त ही नहीं किया। बाद में हथियार और गोलियों को कब्जे में लेने से पुलिस की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
जान का खतरा था, इसलिए रखा था कट्टा
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक दंपति को पहले से अपनी जान का खतरा था। इसी वजह से उन्होंने सुरक्षा के लिए घर में कट्टा रखा था। हालांकि पुलिस की शुरुआती कार्रवाई में इस महत्वपूर्ण साक्ष्य को नजरअंदाज किए जाने से जांच की निष्पक्षता और सतर्कता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
हत्यारे पुलिस की पकड़ से दूर
घटना को कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस अब तक दोहरे हत्याकांड का खुलासा नहीं कर सकी है। लगातार सामने आ रही जांच संबंधी लापरवाहियों ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
और, बेबस सिस्टम
भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा कि फिलहाल जांच एजेंसियों के पास ऐसा कोई ठोस सुराग नहीं है, जिससे सीधे आरोपियों तक पहुंचा जा सके। शहर की अलग-अलग विशेष टीमें लगातार जांच और सर्च ऑपरेशन में लगी हैं। उन्होंने यह भी माना कि वारदात बेहद प्रोफेशनल तरीके से अंजाम दी गई। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने सामान्यतः 10 मिनट का रास्ता करीब 35 मिनट में तय किया ताकि पुलिस को भ्रमित किया जा सके। साथ ही, घर से बरामद कट्टे का इस्तेमाल हत्या में नहीं किया गया था।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब शुरुआती जांच में ही अहम सबूतों को जब्त नहीं किया गया, तो क्या इस चूक ने हत्यारों को भागने का अतिरिक्त समय दे दिया? यही सवाल अब जांच एजेंसियों के सामने भी खड़ा है।











