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* 63 किमी लंबा लखनऊ–कानपुर एक्सप्रेसवे जनता को समर्पित।
* अब दोनों शहरों के बीच सफर महज 35–45 मिनट में।
* 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगे वाहन।
* कार के लिए एक तरफ का टोल 275 रुपए, देश में सबसे महंगा प्रति किमी टोल।
* आरएफआईडी और एएनपीआर तकनीक से बिना टोल प्लाजा के होगी वसूली।
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उत्तर प्रदेश को एक और आधुनिक एक्सप्रेसवे की सौगात मिल गई है। 63 किलोमीटर लंबा लखनऊ–कानपुर एक्सप्रेसवे (नेशनल एक्सप्रेसवे-6) आम जनता के लिए खोल दिया गया है। अब राजधानी लखनऊ और औद्योगिक नगरी कानपुर के बीच का सफर महज 35 से 45 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।
सोमवार को उन्नाव के झाऊखेड़ा में आयोजित कार्यक्रम में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया। मंगलवार सुबह 8 बजे से इस पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई।
हालांकि, इस एक्सप्रेसवे की सबसे ज्यादा चर्चा इसकी रफ्तार नहीं, बल्कि देश के सबसे महंगे टोल को लेकर हो रही है। एनएचएआई के अनुसार कार, जीप और वैन के लिए एक तरफ का टोल 275 रुपए तय किया गया है। यानी प्रति किलोमीटर करीब 4.37 रुपए, जो देश के सभी प्रमुख एक्सप्रेसवे में सबसे अधिक है।
इसके मुकाबले मुंबई–पुणे, दिल्ली–देहरादून, गंगा, यमुना, आगरा–लखनऊ, बुंदेलखंड और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर प्रति किलोमीटर टोल इससे काफी कम है।
बिना टोल प्लाजा के कटेगा टोल
यह 6 लेन का एक्सेस कंट्रोल्ड और बैरियर-फ्री एक्सप्रेसवे है। यहां पारंपरिक टोल प्लाजा नहीं होंगे। आरएफआईडी और एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) तकनीक के जरिए चलते वाहन से ही टोल स्वतः वसूला जाएगा, जिससे सफर और भी तेज एवं सुगम होगा।
यात्रियों को मिलेगा बड़ा फायदा
नए एक्सप्रेसवे के शुरू होने से लखनऊ और कानपुर के बीच रोजाना आने-जाने वाले लाखों लोगों को राहत मिलेगी। समय की बचत के साथ ईंधन की खपत भी कम होगी, जबकि दोनों शहरों के बीच व्यापार, उद्योग और निवेश को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।















