एक्ट्रेस से साध्वी बनी ममता कुलकर्णी ने अविमुक्तेश्वरानंद पर खड़े किए सवाल
न्यूजलाइन डॉट कॉम की रिपोर्ट
प्रयागराज में माघ मेले में स्नान को लेकर ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उत्तरप्रदेश सरकार के बीच चल रहे विवाद में किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर ममता कुलकर्णी की एंट्री हो गई है। ममता कुलकर्णी ने अविमुक्तेश्वरानंद पर सवाल खड़े कर एक नया विवाद यह खड़ा कर दिया है कि दस में से नौ महामंडलेश्वर झूठे हैं।
माघ मेले में न आने पर ममता कुलकर्णी ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि गुप्त नवरात्रि में चल रही साधना के कारण वे मेले में नहीं आ सकी हैं। यह भी कहा कि उनका जीवन अब पूरी तरह से साधना और तपस्या पर समर्पित है। माघ मेले में स्नान से वंचित रहने के कारण शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद अनशन पर हैं और इसको लेकर उत्तरप्रदेश की राजनीति भी गरमा रही है। ऐसे में ममता कुलकर्णी ने कहा है कि अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का रवैया अहंकार और अज्ञान से भरा हुआ है। कानून की नजर में क्या राजा और क्या रंक, सभी बराबर हैं। अगर उन्हें स्नान करना ही था तो पालकी से उतरकर पैदल भी जा सकते थे। गुरु होने का अर्थ संयम और जिम्मेदारी से है न कि ऐसी जिद जिसकी कीमत शिष्यों को चुकाना पड़े। कड़ी प्रतिक्रिया में यह भी कहा है कि चारों वेद कंठस्थ कर लेने से कोई शंकराचार्य नहीं हो जाता। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव शंकराचार्य के समर्थन में सामने आए हैं जबकि जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी सरकार के साथ दिखाई दिए हैं। इससे साधु संत भी दो पक्षों में बंटते दिखाई दे रहे हैं और यह मामला राजनीतिक तूल भी पकड़ रहा है। ममता कुलकर्णी ने कहा है कि अविमुक्तेश्वरानंद समाजवादी पार्टी की ओर इसलिए झुक रहे हैं क्योंकि उनका एक ही मुद्दा है कि गौहत्या बंद होनी चाहिए। कुलकर्णी ने सवाल खड़ा किया है कि क्या अखिलेश यादव के साथ जाने से गौहत्या बंद हो जाएगी?
इसलिए उठा है विवाद…
* 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पालकी पर सवार होकर संगम स्नान के लिए निकले थे।
* मेला प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से पालकी के साथ संगम तक जाने पर रोक लगा दी थी और पैदल स्नान की सलाह दी थी।
* शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पालकी से ही स्नान के लिए जाना चाहते थे। इसको लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ।१
बोलीं ममता कुलकर्णी…चार वेद कंठस्थ करने से कोई शंकराचार्य नहीं हो जाता














