शंकराचार्य के शिष्यों की पिटाई से सिटी मजिस्ट्रेट इतने आहत हुए कि दे दिया नौकरी से इस्तीफा!

* यूजीसी कानून का भी विरोध, कहा काला कानून वापस लो
न्यूजलाइन डॉट कॉम रिपोर्ट
मामला हैरान करने वाला है। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों की पुलिस द्वारा पिटाई का मामला पूरे देश में कहेचा का विषय बना हुआ है, लेकिन इसको लेकर बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। वे शंकराचार्य के शिष्यों की पिटाई से आहत हैं। उन्होंने यूजीसी के नए कानून का विरोध भी जताया है।
कानपुर के रहने वाले अलंकार अग्निहोत्री ने अपने त्यागपत्र से पूरे देश में एक नई चर्चा छेड़ दी है। 2019 के पीसीएस अधिकारी अलंकार लखनऊ में सहायक नगर आयुक्त और बरेली, उन्नाव तथा बलरामपुर में भी एसडीएम रह चुके हैं। पिछले साल 2025 में बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट बने थे। सरकारी नौकरी से पहले वे आईटी सेक्टर में भी काम कर चुके हैं। पहले ही प्रयास में उनका चयन यूपीएससी में हो गया था और बहन की शादी के बाद उन्होंने परीक्षा की तैयारी शुरू की थी। किसी सरकार के विरुद्ध सरकारी अधिकारी का इस तरह कदम उठाना बड़ा मामला माना जा रहा है। सरकारी नौकरी से त्यागपत्र देने से पहले अग्निहोत्री ने सोशल मीडिया एकाउंट पर अपनी फोटो भी पोस्ट की थी, जिसमें वे एक पोस्टर हाथ में लिए हुए है, जिस पर लिखा है यूजीसी रोल बैंक, काला कानून वापस लो। शंकराचार्य के शिष्यों का अपमान नहीं सहेगा हिन्दुस्तान। 19 मई 1882 को जन्मे अग्निहोत्री ने कहा है कि प्रयागराज में हुई घटना चिंतनीय और गंभीर विषय है।