खड़े हनुमान मंदिर क्या अब गोपालमंदिर के पास विराजेंगे!

 * पार्षद ने महापौर के सामने रखा प्रस्ताव और उठाए ये सवाल

“खड़े हनुमान मंदिर को लेकर अब एक नया प्रस्ताव सामने आया है। निगम बोर्ड में भाजपा पार्षद ने अपने ही बोर्ड पर सवाल खड़े करते हुए प्रस्ताव दिया है कि नया मंदिर गोपाल मंदिर के पास बनाया जाए। हालांकि बजरंग दल साफ कह चुका है कि मंदिर को शिफ्ट नहीं होने दिया जाएगा।” 
उज्जैन में सराफा बाजार के प्राचीन खड़े हनुमान मंदिर और टकसाली गणेश मंदिर को लेकर अब नगर सरकार यानी निगम बोर्ड में नई हलचल शुरू हो गई है। पूर्व एमआईसी सदस्य और भाजपा पार्षद शिवेंद्र तिवारी ने महापौर को एक पत्र सौंपकर कई सवाल खड़े किए हैं और प्रस्ताव रखा है कि नया मंदिर गोपाल मंदिर के सामने बन रहे शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में बनाओ। इससे सवाल खड़ा हो गया है कि क्या नया मंदिर गोपाल मंदिर के पास शिफ्ट हो सकता है?
महापौर मुकेश टटवाल अपने आपको हनुमान का अनन्य भक्त मानते हैं। ऐसे में उनके सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है कि वे इन सवालों का जवाब दे सकेंगे या नहीं। तिवारी ने पत्र में पांच सवाल उठाये हैं और कहा है कि नया मंदिर गोपाल मंदिर में निर्माणाधीन शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में बनाया जाए। इसका समर्थन सांसद अनिल फिरोजिया द्वारा करने की भी चर्चा है। वर्तमान में मंदिर निर्माण का कार्य भी अभी मंदा पड़ गया है, जबकि पहले इसे युद्धस्तर पर बनाया जा रहा था। इससे भी अंदाजा लगाया जा रहा है कि मंदिर का स्थान बदलने पर निगम प्रशासन में मंथन शुरू हो गया है।तिवारी ने यह भी अनुरोध किया है कि खड़े हनुमान को लेकर शहर में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। इसलिए निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का रुख भी जाना जाये और स्पष्ट किया जाए। सांसद, विधायक और सभी जनप्रतिनिधियों को साथ लेकर धर्मस्थलों को लेकर निर्णय लिए जाएं।
महापौर से ये 5 सवाल उठाए
1. कमर्शियल कॉम्प्लेक्स की जगह क्यों चुनी?
पार्षद तिवारी ने पूछा है कि जिस जगह कथित तौर पर मंदिर की जगह चयन किया गया है, वहां नगर निगम का शॉपिंग कॉम्प्लेक्स प्रस्तावित है। एमआईसी या नगर परिषद ने जगह भी आवंटित कर दी है।
2. किसकी सहमति से निर्माण दूसरा सवाल यह उठाया है कि नई जगह मंदिर का निर्माण किसकी अनुमति से हो रहा है। धार्मिक स्थलों को हटाना, विस्थापन करना या नवनिर्माण करने की अनुमति देने का अधिकार नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में आता है या जिलाधीश के।
3. वर्तमान में जो मंदिर है वह भी क्षतिग्रस्त है। तोड़फोड़ किसने और किसकी सहमति से की।
4. जिन धार्मिक स्थलों को हटाया गया है या हटाया जाना है, उसको लेकर क्या कार्यवाही की जाना है यह भी स्पष्ट किया जाए।
5. सराफा बाजार से सिंहस्थ की पेशवाई और राजसी सवारी निकल चुकी है, धर्मसभा भी हो चुकी है तो अब अचानक क्यों मंदिर हटाया जा रहा?