इंदौर में 12 सितंबर को राहुल गांधी की ‘युवा पाठशाला’!

* कांग्रेस ने बिछाई सियासी बिसात, जबलपुर से इंदौर शिफ्ट हुआ कार्यक्रम, दिल्ली से आएगी राहुल की टीम

भोपाल। मध्यप्रदेश की सियासत में अब युवा वोट बैंक को लेकर हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने छात्रों के बीच पहुंच बनाने के लिए इंदौर में बड़ा कार्यक्रम करने की तैयारी शुरू कर दी है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम 12 सितंबर को प्रस्तावित है। कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए राहुल गांधी की विशेष टीम दिल्ली से इंदौर पहुंचेगी।
जबलपुर नहीं, इंदौर क्यों चुना?
पहले कार्यक्रम के लिए जबलपुर के नाम पर मंथन चल रहा था, लेकिन कांग्रेस ने अचानक इंदौर पर दांव लगा दिया। वजह भी सियासी तौर पर अहम है। इंदौर प्रदेश का बड़ा शिक्षा केंद्र है, जहां देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, आईआईटी, आईआईएम सहित कई प्रतिष्ठित संस्थान हैं।
प्रदेश के अलग-अलग जिलों से हजारों विद्यार्थी यहां पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में राहुल गांधी का सीधे छात्रों के बीच पहुंचना कांग्रेस के लिए एक तीर से कई निशाने साधने जैसा माना जा रहा है।
पेपर लीक, बेरोजगारी और भर्ती… राहुल के निशाने पर होंगे युवा मुद्दे
‘छात्रों की गूंज’ में राहुल गांधी विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर सकते हैं। पेपर लीक, सरकारी भर्तियों में देरी, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहने की संभावना है।
कांग्रेस की रणनीति केवल संवाद तक सीमित नहीं है। पार्टी की नजर आगामी छात्र संघ चुनावों के साथ प्रदेश के बड़े युवा वोट बैंक पर भी है। यही वजह है कि कार्यक्रम को लेकर प्रदेश कांग्रेस संगठन खासा सक्रिय दिखाई दे रहा है।
पटवारी की बैठक में बनेगी पूरी पटकथा
कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शनिवार शाम इंदौर में वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों की बैठक बुलाई है। बैठक में कार्यक्रम स्थल, छात्रों की भागीदारी और आयोजन की व्यवस्थाओं पर मंथन हो रहा है।
वरिष्ठ नेताओं के साथ शुरुआती चर्चा पहले ही हो चुकी है। अब पटवारी की बैठक और दिल्ली से आने वाली राहुल गांधी की टीम के फीडबैक के बाद कार्यक्रम की अंतिम तस्वीर सामने आएगी।