* कालभैरव मंदिर में शयन आरती के बाद बाहर से ही पैर पड़े, फिर अफसर की ले ली क्लास
उज्जैन। सीएम डॉ. मोहन यादव का अपना अलग ही वर्किंग स्टाइल है। वे डेकोरम की जगह सीधे सीधे काम करने में विश्वास रखते हैं। इसकी एक झलक शनिवार रात उस समय मिली जब वे कालभैरव मंदिर पहुंचे और शिखर दर्शन के बाद पैर पड़ने के बाद सीढ़ियों पर बैठकर ही अफसर की क्लास भी ले ली।

ये वाकया 28 अगस्त की रात करीब 9 बजे का है, जब भगवान कालभैरव की शयन आरती के बाद पट बंद हो चुके थे और सीएम डॉ. यादव वहां पहुंचे। कुछ लोगों ने आग्रह भी किया कि गर्भगृह में चलिए लेकिन सीएम ने विनम्रता से मना कर कहा कि नियम सबके लिए समान है। इसके बाद वे मंदिर की सीढ़ियों पर ही बैठ गए और एसडीएम एलएन गर्ग से मंदिर की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। सीएम ने पूछा कि जब प्रोजेक्ट शुरू होगा तो भीड़ कैसे लाओगे। गर्ग ने बताया तब सीएम ने सुझाव दिया कि इस तरह प्रबंधन हो सकता है। उन्होंने पूरे प्रोजेक्ट की जानकारी भी ली। सीएम शुक्रवार रात उज्जैन आए थे और पुलिस सामुदायिक भवन पर राखी बंधवाने के बाद कालभैरव मंदिर पहुंचे थे। सीएम ने मंदिर के पुजारी पं. ओमप्रकाश चतुर्वेदी से भी चर्चा की और मंदिर का माहात्म्य जाना। पुजारी ने कहा आपको इसके बारे में पर्याप्त जानकारी है। सीएम के साथ विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, यूडीए अध्यक्ष रवि सोलंकी, चिंतामन मंदिर के प्रबंधक अभिषेक शर्मा ? कलेक्टर रोशन कुमार सिंह आदि साथ थे। इसके बाद सीएम विक्रांत भैरव मंदिर गए और फिर ढाबा रोड का पैदल निरीक्षण भी किया।
वाल्मीकि धाम पहुंचे, गोगादेव के निशान का किया पूजन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र श्री वाल्मीकि धाम सिद्धपीठ पहुंचे। यहां उन्होंने अनंत श्री विभूषित 1008 स्वामी सोहनदास जी की समाधि और प्रतिमा के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने इसके बाद वाल्मीकि धाम पहुंचे श्री जाहरवीर गोगादेव जी के निशान ध्वज का भी विधिवत पूजन किया। धार्मिक परंपरा के अनुरूप हुए इस पूजन के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रद्धा के साथ ध्वज के समक्ष माथा टेका। वाल्मीकि धाम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यसभा सांसद और बालयोगी संत श्री उमेशनाथ जी महाराज से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री की संत उमेशनाथ से मुलाकात को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस अवसर पर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, भाजपा नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल, विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष मुकेश यादव, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह सहित जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक समरसता का संदेश
मुख्यमंत्री का वाल्मीकि धाम पहुंचना और गोगादेव के निशान ध्वज का पूजन रक्षाबंधन के दिन धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री ने पूजा-अर्चना के माध्यम से प्रदेश की खुशहाली की कामना की और संतों का आशीर्वाद लिया। बालयोगी उमेशनाथ जी न कहा मुख्यमंत्री पिछले 30 सालों से किसी न किसी रूप से पूजन करने आते हैं। आज शाम को महाकाल मंदिर से भव्य चल निशान जी के साथ भव्य चल समारोह भी निकलेगा।












