रात 11 बजे गोपाल मंदिर पहुंचे मुख्यमंत्री, शाही मस्जिद के पास क्यों रुकी गाड़ी?

* आज सुबह संत बालयोगी जी के आश्रम वाल्मीकि धाम पहुंचे और किया छड़ियों का पूजन
* पुराने रीगल टॉकीज की जगह बन रहे कॉम्प्लेक्स का लिया जायजा, चौड़ीकरण को लेकर प्रशासन की हलचल तेज
उज्जैन। रक्षाबंधन की रात 28 अगस्त को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अचानक गोपाल मंदिर पहुंचना चर्चा का विषय बन गया। रात करीब 11 बजे मुख्यमंत्री का काफिला गोपाल मंदिर पहुंचा। उन्होंने पुराने रीगल टॉकीज की जगह प्रस्तावित कॉम्प्लेक्स निर्माण की स्थिति देखी और कलेक्टर रोशन कुमार सिंह से चलते-चलते जानकारी ली।
लेकिन इस पूरे निरीक्षण में सबसे ज्यादा चर्चा शाही मस्जिद के पास मुख्यमंत्री की गाड़ी रुकने को लेकर है। यही वह स्थान है, जहां सड़क चौड़ीकरण के लिए नगर निगम पहले ही नोटिस जारी कर चुका है। मुख्यमंत्री की गाड़ी कुछ देर के लिए मस्जिद के ठीक पास रुकी तो मौके की तस्वीर और प्रशासन की आगे की तैयारी को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
काफिले में कौन-कौन था?
मुख्यमंत्री के साथ कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा और भाजपा नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल भी मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शहर की सुंदरता और यातायात व्यवस्था में बाधा बन रहे अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि मस्जिद को लेकर मुख्यमंत्री ने मौके पर कोई औपचारिक बयान नहीं दिया, लेकिन जिस स्थान पर उनकी गाड़ी रुकी, उसने चौड़ीकरण की कार्रवाई को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
पिछली बार सतीगेट तक पहुंचे थे, इस बार गोपाल मंदिर तक
मुख्यमंत्री के इस दौरे को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि पिछली बार वे समय की कमी के चलते सतीगेट तक ही निरीक्षण कर पाए थे। गोपाल मंदिर क्षेत्र तक उनका पहुंचना नहीं हो सका था। इस बार उन्होंने रात में अचानक गोपाल मंदिर पहुंचकर पूरे क्षेत्र का जायजा लिया। प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री को मौके पर ले जाकर यह भी बताया गया कि प्रस्तावित चौड़ीकरण के लिए किन हिस्सों में कितना क्षेत्र आवश्यक होगा। मस्जिद के सामने की स्थिति और सड़क की मौजूदा स्थिति से भी उन्हें अवगत कराया गया।
अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन चौड़ीकरण की कार्रवाई को लेकर आगे क्या रणनीति बनाता है और अतिक्रमण हटाने की तारीख कब तय होती है।
मुख्यमंत्री के दौरे के बाद बढ़ी हलचल
मुख्यमंत्री के रात के इस औचक निरीक्षण ने गोपाल मंदिर क्षेत्र में प्रशासनिक हलचल बढ़ा दी है। चौड़ीकरण, अतिक्रमण और प्रस्तावित विकास कार्यों को लेकर अब आने वाले दिनों में कार्रवाई तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। रात में गोपाल मंदिर का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार सुबह वाल्मीकिधाम पहुंचे। यहां उन्होंने राज्यसभा सांसद एवं बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज के साथ गोगादेव जी की छड़ियों का पूजन किया।