* पहले आयुर्वेद कॉलेज के पास ही संस्थान लाने की हो रही थी कवायद
* आजमपुर की जमीन का प्रस्ताव केंद्र तक पहुंचा, स्वीकृति का इंतजार
उज्जैन। अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) उज्जैन में खुलने का रास्ता तो साफ हो गया है, लेकिन यह आयुर्वेद कॉलेज से करीब 5 किलोमीटर दूर भैरवगढ़ के पास आजमपुर गांव में खुलेगा। इसका प्रस्ताव विधिवत केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय तक पहुंच गया है। जल्द ही इसे स्वीकृति मिलने की संभावना है।
उज्जैन में आयुर्वेद का एम्स (अय्या) उज्जैन में खोलने की घोषणा की थी। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर हुई कवायद अब निर्णायक मोड़ पर आ गई है। प्रशासन ने इसके लिए घट्टिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत भैरवगढ़ के पास आजमापुरा गांव की 50 बीघा जमीन का चयन किया है। इसका प्रस्ताव भी राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र को भेज दिया गया है। पहले इसे आयुर्वेद कॉलेज के पास की जमीन पर ही खोलने का प्रस्ताव था, लेकिन आयुष मंत्रालय के नियमों के कारण उज्जैन उत्तर विधानसभा से घट्टिया विधानसभा क्षेत्र में स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। महाकाल लोक बनने के बाद धार्मिक नगरी उज्जैन में लाखों श्रद्धालु आने लगे हैं। नागपंचमी पर इस बार 12 लाख लोग आए। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि सिंहस्थ 2028 में इस बार 40 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु आ सकते हैं। 11 फरवरी 2026 को सीएम डॉ. मोहन यादव ने कालिदास संस्कृत अकादमी में विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया था। इस दौरान उन्होंने सिंहस्थ तैयारियों की जानकारी भी दी थी और कहा था कि हजारों वर्ष पहले जब समुद्र मंथन हुआ था जिसमें मंथन में कई प्रकार के रत्नों के साथ भगवान धनवंतरि भी प्रकट हुए थे। ऐसे में भगवान धनवंतरी से उज्जैन कैसे अछूता रह सकता है। इसलिए देश में खुलने वाले 3 आयुर्वेद एम्स में से एक मध्य प्रदेश को भी मिला है जो उज्जैन में खोला जाएगा। इससे सिंहस्थ 2028 और चिकित्सा के क्षेत्र में उज्जैन को एक नई पहचान मिलेगी।
ग्रीन फील्ड के चक्कर में दूर हुआ अय्या
आयुर्वेद कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ओपी व्यास ने बताया आयूष मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि अय्या के लिए ग्रीन फील्ड होना जरूरी है। ये संस्थान या तो ब्राउन फील्ड में खोले जाते हैं या ग्रीन फील्ड में। ग्रीन फील्ड का मतलब जहां पहले से आयुर्वेद का कोई संस्थान न हो। ब्राउन फील्ड मतलब जहां आयुर्वेद का कॉलेज या संस्थान न हो। इस कारण यह आयुर्वेद कॉलेज के पास खुलना संभव नहीं है। आजमपुरा उन्हेल बायपास पर भैरवगढ़ के पास है।
मध्यप्रदेश ने सबसे पहले दिए दस्तावेज
अय्या अभी नईदिल्ली और गोवा में ही है। इसके अलावा केंद्र सरकार ने तीन अन्य राज्यों में इनको स्थापित करने की तैयारी की है। मध्यप्रदेश उनमें से एक है और इसके लिए उज्जैन का चयन किया गया है। मध्यप्रदेश ने सबसे पहले इसके लिए जरूरी दस्तावेज केंद्र को उपलब्ध करा दिए हैं।
ये भी जानिए
* आयुर्वेद का सर्वोच्च संस्थान (अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान) भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्थान के रूप में कार्य करता है।
* जबकि सामान्य ‘एम्स’ (AIIMS – अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन आते हैं।
* उद्देश्य, आयुर्वेद और आधुनिक तकनीकों के बीच तालमेल बैठाना, उच्च शिक्षा (पीजी और पीएचडी) तथा अनुसंधान को बढ़ावा देना।
प्रस्ताव केंद्र के पास गया है
आयुर्वेद का एम्स उज्जैन में खुलना निश्चित है और इसके लिए प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास भेज दिया गया है। यह सही है कि मध्यप्रदेश ने तेजी से इसके सारे दस्तावेज आयुष मंत्रालय को उपलब्ध कराए हैं।

इंदरसिंह परमार, आयुष एवं उच्च शिक्षा मंत्री, मध्यप्रदेश सरकार
विकास बढ़ेगा
यह सही है कि इसके लिए घट्टिया विधानसभा क्षेत्र की जमीन का चयन किया गया है। इससे विकास का दायरा और बढ़ेगा। यह शहरी सीमा पर ही है।

सतीश मालवीय, विधायक घट्टिया विधानसभा क्षेत्र











