देश प्रेम का ऐसा जज्बा, 81 की उम्र में सरहद पर सैनिकों को बांधेंगी राखी

* अनूठा स्नेह: चार साल पहले जब सैनिक की कलाई पर राखी बांधी और चेहरे पर चमक देखी, तभी कर लिया था प्रण
* उज्जैन की सेवानिवृत्त प्राचार्य का हौसला, पहले राजौरी फिर कारगिल में पहुंचेंगी
देश प्रेम का जज्बा हो तो उम्र किसी के कदम रोक नहीं सकती। शिक्षा विभाग में ब्लॉक ऑफिसर पद से सेवानिवृत्त शीला व्यास 81 बरस की उम्र में अपने हौसले से सबको एक नई शिक्षा देने निकली हैं। वे सरहद पर सैनिकों की कलाई पर राखी बांधेंगी। मंगलवार को वे उज्जैन स्टेशन से राजौरी के लिए रवाना हुईं।
रिटायरमेंट के बाद अधिकतर लोग सोचते हैं पेंशन मिल रही है, अब क्या करना, लेकिन उज्जैन के कई स्कूलों में पढ़ाने और भैरवगढ़ और इंदिरानगर स्कूल में प्राचार्य रह चुकीं शीला व्यास सैनिकों की कलाई सूनी न रहे, इसके लिए राजौरी और कारगिल में राखी बांधने निकल पड़ी हैं। देश प्रेम का यह जज्बा बहुत कम लोग दिखा पाते हैं। बहादुरगंज निवासी व्यास पहली बार नहीं, बल्कि चौथी बार सरहद पर राखी बांधने जा रही हैं। उन्होंने जागरण को बताया पहली बार जब वे एक ग्रुप के साथ राखी बांधने गई थीं, तब सैनिकों के चेहरे पर चमक और भावविभोर देख उनकी आंखें भर आई थीं और तभी से उन्होंने ठान लिया था कि अब चाहे जो हो, वे हर साल राखी बांधने अवश्य आएंगी। वे सारे सुख छोड़ रेल से अपने इस संकल्प को एक बार फिर पूरा करने निकली हैं। वे कहती हैं सैनिकों की कलाई पर राखी बांधने का सुख शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। दो दिन बाद 28 अगस्त को राखी का त्योहार पूरे देश में मनाया जाएगा, लेकिन वे अपना घर छोड़ सरहद की कठिन डगर पर यह पर्व मनाएंगी और ममता सांगते सहित समूह के साथ राखी बांधेंगी। सोमवार को नागर ब्राह्मण महिला मंडल अध्यक्ष नेहा प्रतिमा लव मेहता के नेतृत्व में व्यास को मोतियों की माला और शाल पहनाकर इस जज्बे का सम्मान किया। इस दौरान मंडल महासचिव सीमा आलोक नागर, उपाध्यक्ष ममता नागर, कोषाध्यक्ष जागृति रावल, श्वेता रावल, मनीषा शर्मा, माला नागर परोत, शारदा व्यास, नीता मेहता, रजनी नागर, रेणु नागर, अनिता नागर, वंदना मोना जोशी, प्रज्ञा मेहता, सीमा महेश नागर, आशा नागर, सरिता नागर, आयुषी नागर, महिलाओं ने हाथ में तिरंगा लेकर देशभक्ति का जयघोष भी किया।
इस उम्र में भी अपना खाना खुद बनाती हैं व्यास
उम्र के इस पड़ाव में भी शीला व्यास की जीवटता प्रेरणास्पद है। वे सारे काम अकेली करती हैं। यहां तक कि अक्सर अपना खाना खुद बनाती हैं और दूसरों को भी प्यार से खिलाती हैं। घर के छोटे काम भी वे खुद करती हैं।