रीवा में बारिश का कहर; पहली मंजिल डूबी, नदी किनारे निर्माण को लेकर उठे सवाल
बीहर नदी का जलस्तर बढ़ा तो रीवा में बारिश का असर ऐसा दिखा कि आम लोगों के साथ माननीय भी बाढ़ की चपेट में आ गए। गुढ़ से भाजपा विधायक नागेंद्र सिंह का मकान पानी से घिर गया और उनका परिवार घर की दूसरी मंजिल पर फंस गया। सुबह करीब 5 बजे मकान में पानी घुसना शुरू हुआ और देखते ही देखते पहली मंजिल पूरी तरह जलमग्न हो गई। घर में रखा सामान पानी में तैरता नजर आया। मकान के निचले हिस्से में पानी लगातार बढ़ने के कारण विधायक और उनके परिवार के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया। कर्मचारी और केयरटेकर रामार्चन चौरसिया के मुताबिक सुबह से पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है और परिवार फिलहाल दूसरी मंजिल पर है।
309 गांवों में बाढ़ का असर
रीवा जिले के त्योंथर क्षेत्र में भी बारिश और बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। यहां 309 गांव प्रभावित हुए हैं और छह हजार से ज्यादा घरों में पानी घुसने की जानकारी सामने आई है। कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हैं और लोगों के आवागमन पर असर पड़ा है। निचले इलाकों में प्रशासन के सामने लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की चुनौती बनी हुई है।
कब्जे का आरोप खारिज किया विधायक ने
विधायक नागेंद्र सिंह ने नदी की जमीन पर कब्जे के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि जमीन वैध तरीके से खरीदी गई थी और निर्माण के समय नगर निगम के संबंधित अधिकारियों से अनुमति ली गई थी। विधायक ने कहा कि यदि अधिकारियों ने गलत अनुमति दी थी तो इसकी जिम्मेदारी उनकी नहीं हो सकती।
नदी के प्रतिबंधित क्षेत्र में मकान को लेकर सवाल
वहीं अधिवक्ता वीके माला ने नदी के नजदीक निर्माण को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि मकान नदी के प्रतिबंधित क्षेत्र में बनाया गया है। उन्होंने कहा कि केवल जमीन की रजिस्ट्री होने से नदी या बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में निर्माण का अधिकार नहीं मिल जाता। इसके लिए सक्षम प्राधिकारी की अनुमति जरूरी होती है।
अधिवक्ता ने राजस्व रिकॉर्ड की जांच, जमीन के सीमांकन और निर्माण की अनुमति की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि नियमों का उल्लंघन सामने आने पर जिम्मेदार लोगों और अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल बीहर नदी के बढ़ते जलस्तर और लगातार बारिश ने पूरे इलाके की चिंता बढ़ा दी है। विधायक का मकान पानी से घिरा है, जबकि नदी किनारे निर्माण को लेकर उठे सवालों का जवाब अब सरकारी रिकॉर्ड और जांच से ही सामने आएगा।
नदी उफनी तो विधायक का घर भी पानी में घिरा, दूसरी मंजिल पर फंसा परिवार











