* सड़क पर गड्ढे देख भड़के अजय विश्नोई, उभरा दर्द
मध्य प्रदेश में सड़कों की बदहाली को लेकर भाजपा के कद्दावर विधायक और पूर्व मंत्री अजय विश्नोई ने गंभीर सवाल अपनी ही पार्टी के सामने खड़ा कर दिया है। पाटन विधायक ने विधिवत पत्र लिखकर लोक निर्माण विभाग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़कों की खराब हालत पर नाराजगी जताई है। इतना ही नहीं, उन्होंने सड़क निर्माण की गुणवत्ता के पीछे ठेकेदारी व्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार को भी बड़ा कारण बताया है।
विश्नोई ने बेहद बेबाक अंदाज में कहा कि ठेकेदार कई बार बहुत कम दर पर सड़क बनाने का ठेका ले लेते हैं। इसके बाद काम शुरू होने पर रिश्वत की रकम कम नहीं होती। ऐसे में ठेकेदार के सामने लागत निकालने की चुनौती रहती है और इसका सीधा असर सड़क की गुणवत्ता पर पड़ता है।
सड़क की गुणवत्ता गई कहां?
अजय विश्नोई का सवाल सीधे व्यवस्था पर है। उनका कहना है कि जब ठेकेदार कम दर पर काम लेता है और निर्माण पूरा करने के दौरान कथित तौर पर रिश्वत का बोझ भी बढ़ता जाता है, तो फिर सड़क निर्माण में गुणवत्ता बनाए रखना मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि सड़कें बनने के कुछ समय बाद ही उनकी हालत खराब होने लगती है।
मंत्री ने शिलान्यास किया, सड़क अब तक अधूरी!
विश्नोई ने लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि पीडब्ल्यूडी मंत्री ने जिन सड़कों की आधारशिला रखी थी, उनमें से कई सड़कें अब तक पूरी नहीं हो पाई हैं। उन्होंने कई सड़कों का उदाहरण देते हुए निर्माण में लेटलतीफी और गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकार को भी पत्र भेजा है।
खास बात यह है कि अजय विश्नोई पहले भी पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह को लेकर व्यंग्यात्मक बयान दे चुके हैं। अब सड़क की गुणवत्ता और निर्माण में कथित भ्रष्टाचार को लेकर उनके ताजा बयान ने प्रदेश की सियासत में सड़क के गड्ढों के साथ राजनीतिक हलचल भी पैदा कर दी है।
कम दर पर ठेका, ऊपर से रिश्वत… फिर अच्छी सड़क कैसे बनेगी?










