22 से ज्यादा बच्चों की मौत और 600 से अधिक लोगों के बीमार होने से सुर्खियों में आए बालाघाट के आदिवासी अंचल में पहुंचे जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने ग्रामीणों को कुपोषण से बचने का ऐसा ‘नुस्खा’ बताया, जिस पर अब सवाल भी उठ रहे हैं। मंत्री ने ग्रामीणों से कहा कि घर की बाड़ी में सब्जियां उगाइए, खुद खाइए और बच्चों को खिलाइए, इससे कुपोषण दूर होगा और बची हुई सब्जियां बेचकर दो पैसे भी कमा सकेंगे।
मंत्री की यह सलाह सुनने में आसान है, लेकिन प्रभावित गांवों की तस्वीर कुछ अलग कहानी कहती है। जहां ग्रामीण पीने के पानी के लिए झिरिया और कुओं पर निर्भर हैं, नल-जल योजना की पाइपलाइन शोपीस बनी है, वहां सब्जियां उगाने के लिए पानी आएगा कहां से? यही सवाल अब मंत्री की सलाह के साथ चर्चा में है। बीमारी और कुपोषण से जूझ रहे इन गांवों में दौरे के दौरान मंत्री ने पीड़ित परिवारों और बच्चों से मुलाकात की तथा बेहतर इलाज का भरोसा दिलाया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं की जानकारी ली और कर्मचारियों की कमी पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी को फटकार लगाई। साथ ही प्रभावित गांवों में दवा का छिड़काव कराने के निर्देश दिए।उन्होंने ग्रामीणों को राशन, बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भी क्षेत्र में लाने की बात कही। हालांकि, कुपोषण से लड़ने के लिए सब्जी उगाने की सलाह और गांव में पानी के संकट की हकीकत के बीच का फासला मंत्री के दौरे का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला पहलू बन गया है।
मंत्री विजय शाह का अजीब नुस्खा, सब्जी उगाओ और कुपोषण से बचो










