महाकाल दर्शन करने आ रही को यूट्यूबर छवि और मां की गरोठ फोरलेन एक्सीडेंट में मौत

उज्जैन। उज्जैन में महाकाल के दर्शन की आस लेकर निकले हाथरस के एक परिवार पर मध्य प्रदेश में दर्दनाक हादसा टूट पड़ा। उज्जैन-गरोठ फोरलेन पर रामाखेड़ी गांव के पास मंगलवार को तेज रफ्तार कार आगे चल रहे ट्रक में जा घुसी। हादसे में 23 वर्षीय चर्चित यूट्यूबर छवि वार्ष्णेय और उनकी 50 वर्षीय मां सारिका की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों मां-बेटी के शव बुधवार को हाथरस के महौखास गांव ले जाए जाएंगे।
छवि के यूट्यूब चैनल पर सात लाख से अधिक सब्सक्राइबर और इंस्टाग्राम पर एक लाख से ज्यादा फॉलोअर्स बताए जा रहे हैं। वे डेली लाइफ व्लॉग और ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े वीडियो बनाती थीं।
महाकाल दर्शन के लिए निकला था परिवार
जानकारी के अनुसार, छवि वार्ष्णेय सोमवार देर रात अपने पिता श्यामलाल, मां सारिका, समधी सूरजपाल और चालक सचिन के साथ कार से उज्जैन स्थित भगवान महाकालेश्वर के दर्शन के लिए रवाना हुई थीं। मंगलवार को उज्जैन-गरोठ फोरलेन पर रामाखेड़ी गांव के पास उनकी कार आगे चल रहे ट्रक में पीछे से जा घुसी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। छवि और उनकी मां सारिका ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना मिलने पर बड़ौद पुलिस मौके पर पहुंची। एनएचएआई की एंबुलेंस से दोनों शवों को बड़ौद के शासकीय अस्पताल पहुंचाया गया।
पिता समेत तीन घायल, आगर रेफर
हादसे में छवि के पिता श्यामलाल, समधी सूरजपाल और चालक सचिन गंभीर रूप से घायल हुए हैं। बड़ौद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर विजेंद्र चूड़िहार ने घायलों को प्राथमिक उपचार दिया। हालत गंभीर होने पर तीनों को जिला अस्पताल आगर रेफर किया गया है। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
*2021 में शुरू किया था यूट्यूब चैनल*
छवि के चचेरे भाई सचिन के मुताबिक, छवि पढ़ाई में भी काफी अच्छी थीं और उन्होंने ग्रेजुएशन तक शिक्षा हासिल की थी। वर्ष 2021 में उन्होंने यूट्यूब चैनल शुरू किया था। धीरे-धीरे उनके डेली लाइफ व्लॉग और ऑनलाइन गेमिंग वीडियो लोकप्रिय होते गए और उनके सात लाख से अधिक सब्सक्राइबर हो गए। सोशल मीडिया पर भी उनकी बड़ी संख्या में फॉलोअर्स थे।
किराना दुकान चलाने वाले पिता श्यामलाल और परिवार के सदस्य छवि के काम को लगातार प्रोत्साहित करते थे। उज्जैन में महाकाल दर्शन की उनकी यात्रा ही परिवार के लिए ऐसी दर्दनाक घटना में बदल गई, जिसने हाथरस के महौखास गांव में शोक की लहर पैदा कर दी है।