इंदौर में 25 एकड़ पर बनेगी एयरोसिटी!

* बनेगा एयरपोर्ट के पास नया बिजनेस हब, आईडीए फैसले का इंतजार
इंदौर। एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले विमानों के साथ अब इंदौर के विकास को भी नई उड़ान देने की तैयारी है। सुपर कॉरिडोर और एयरपोर्ट के बीच 25 एकड़ जमीन पर ‘एयरो सिटी’ विकसित करने की योजना तैयार है। इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) की मंगलवार को प्रस्तावित बोर्ड बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी मिलने की संभावना है। अगर प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है तो एयरपोर्ट के आसपास का यह इलाका केवल यात्रियों की आवाजाही का क्षेत्र नहीं रहेगा, बल्कि होटल, आईटी, कारोबार और निवेश का नया केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
25 एकड़ में आकार लेगा नया कारोबार केंद्र
योजना क्रमांक 172 के तहत एयरपोर्ट के समीप करीब 25 एकड़ जमीन पर एयरो सिटी विकसित करने का प्रस्ताव है। इस जमीन पर बड़े भूखंड विकसित किए जाएंगे, जिन्हें होटल उद्योग, आईटी गतिविधियों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और दूसरी कारोबारी गतिविधियों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। प्रस्ताव के अनुसार यहां करीब 8 से 10 बड़े होटल विकसित करने के लिए भूखंड दिए जाने की योजना भी सामने आई है। इसके अलावा व्यावसायिक और आईटी गतिविधियों के लिए जगह विकसित की जाएगी।
एयरपोर्ट के पास क्यों खास है एयरो सिटी?
एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी, सुपर कॉरिडोर की मौजूदा व्यावसायिक गतिविधियां और आसपास विकसित हो रहा औद्योगिक क्षेत्र इस परियोजना को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाते हैं। एयरो सिटी के जरिए कोशिश है कि एयरपोर्ट के आसपास आने वाले कारोबार को एक व्यवस्थित व्यावसायिक क्षेत्र मिले।
इससे होटल, कॉरपोरेट गतिविधियों, आईटी क्षेत्र और अन्य सेवाओं के विस्तार के साथ निवेश और रोजगार के नए अवसर बनने की उम्मीद है।
सिर्फ होटल नहीं, पूरा कारोबारी इकोसिस्टम
एयरो सिटी को केवल होटल बनाने वाली योजना के रूप में नहीं देखा जा रहा है। प्रस्ताव में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और आईटी गतिविधियों के लिए भी बड़े भूखंड विकसित करने की बात है। साथ ही क्षेत्र में बड़े आयोजनों के लिए कन्वेंशन सेंटर विकसित करने की योजना भी जुड़ी हुई है। यानी लक्ष्य एक ऐसा क्षेत्र तैयार करना है, जहां ठहरने, कारोबार, बैठक और बड़े आयोजनों से जुड़ी कई गतिविधियां एक ही इलाके में विकसित हो सकें।
जमीन भी खास, लोकेशन भी खास
एयरो सिटी के लिए प्रस्तावित जमीन राज्य सरकार की ओर से IDA को उपलब्ध कराई गई अतिरिक्त भूमि का हिस्सा बताई गई है। रिपोर्टों के अनुसार यह जमीन सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में पहले TCS और Infosys को दी गई जमीन के बदले IDA को मिली थी।
यही वजह है कि योजना क्रमांक 172 की यह जमीन अब इंदौर के अगले बड़े व्यावसायिक विकास केंद्र के रूप में देखी जा रही है।