चित्रकूट के घाट पर मंदाकिनी का ऐसा रौद्र रूप…

* 135 मीटर पार पानी, रामघाट डूबा

* बाढ़ ने रोकी सड़क-रेल की रफ्तार

* यूपी-एमपी के कई रास्ते बंद, दो हेलीकॉप्टरों से हवाई सर्वे

* एनडीआरएफ की टीमें मैदान में

हम सुनते आए हैं कि चित्रकूट के घाट पर भई संतन की भीड़, लेकिन आज बात कुछ अलग नहीं बल्कि भयावह है। मंदाकिनी अब शांत नहीं, रौद्र रूप में है। लगातार बारिश के बाद नदी का जलस्तर 135 मीटर पार पहुंच गया है। रामघाट समेत कई निचले इलाके पानी में डूब गए हैं और बाढ़ का पानी गांवों की ओर बढ़ने लगा है। हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है और दो हेलीकॉप्टरों से हवाई सर्वे शुरू कर दिया है।
बाढ़ के बढ़ते खतरे को देखते हुए चित्रकूट से बांदा, कौशांबी, प्रयागराज, झांसी और फतेहपुर की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। यूपी और एमपी के बीच कई संपर्क मार्ग बंद होने से आवागमन प्रभावित हुआ है। पुलिस की टीमें सीमा बिंदुओं पर तैनात हैं और लोगों को जरूरी होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी जा रही है।
अब रेल पुल पर भी खतरा
मंदाकिनी का पानी बढ़ने का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। चित्रकूट धाम रेलवे स्टेशन के पास नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण ट्रेनों को पुल पार कराते समय रफ्तार बेहद कम रखी जा रही है। मानिकपुर-सतना रेलखंड पर भी कई ट्रेनों को एहतियातन रोककर रखा गया है। रेलवे अधिकारी लगातार जलस्तर और पुल की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
हेलीकॉप्टर से निगरानी, जमीन पर बचाव दल
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने दो हेलीकॉप्टरों से हवाई सर्वे शुरू किया है। जमीन पर पुलिस, प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव अभियान में जुटी हैं। निचले इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
नदी के किनारे जाने पर रोक
प्रशासन ने लोगों को मंदाकिनी नदी और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की चेतावनी दी है। अधिकारियों की नजर उन गांवों और बस्तियों पर है, जहां पानी तेजी से बढ़ रहा है।