Ujjain अचानक रात में क्यों विराजे संकट मोचन हनुमान…?

* आनन फानन में मंदिर बना, तस्वीर लगी और किया दीप प्रज्वलन
उज्जैन। महाकाल नगरी उज्जैन में गुरुवार रात करीब 11 बजे संकट मोचन हनुमान मंदिर को प्रतिकात्मक रूप से विराजित किया गया। हनुमान भक्तों ने मंदिर की करीब 27 फीट लंबी दीवार पर आनन फानन में ओटला बनाया और हार चढ़ाकर, दीप जलाकर तस्वीर लगाई और अपने आराध्य संकट मोचन को विराजित कर दिया।
दरअसल, कंठाल चौराहा चौड़ीकरण के लिए मंदिर का हिस्सा भी हटा दिया गया और संकटमोचन हनुमान जी की प्रतिमा को सामने राजा बाबा नाम की एक दुकान में अस्थाई रूप से विराजित कर दिया। रोचक पहलू यह है कि अब मंदिर के नाम पर केवल ढाई फीट चौड़ी और 27 फीट लंबी दीवार ही बची है। भक्तों की भावना है कि हनुमान जी को इसी स्थान पर विराजित किया जाए। गुरुवार रात को कंठाल चौराहे पर लाल पेवर ब्लॉक भी लग गए और इसको देखते हुए भक्तों ने रात में ही दीवार के सामने ही करीब चार फीट की दीवार बनाकर ओटला बनाया और उस पर लाल वस्त्र रखकर संकट मोचन हनुमान जी की तस्वीर लगाकर दीप प्रज्वलित किया। इस अवसर पर विहिप के महेश तिवारी, एमआईसी सदस्य और पार्षद प्रकाश शर्मा, पूर्व निगम अध्यक्ष आजाद यादव भी उपस्थित थे।
गूंज उठा जय जय सियाराम…
दीप प्रज्वलन के साथ ही हनुमान भक्तों ने जय जय सियाराम और वंदे मातरम के जयकारे भी लगाए। सैकड़ों लोग जमा हो गए और खुशी जताई।
दलगत राजनीति से ऊपर
निगम के पूर्व अध्यक्ष आजाद यादव ने कहा यहां हम दलगत राजनीति से ऊपर उठकर आस्था के लिए एक साथ हैं। हमारे हनुमान जहां विराजित थे, वहां विराजित रहें, यह सभी की भावना है।

कुछ तत्व यहां मंदिर न रहने देने के लिए प्रयासशील हैं।