नईदिल्ली से NEWJLINE.COM की रिपोर्ट
देश का तेलंगाना राज्य एक अच्छा कदम उठाने जा रहा है। वह यह कि अगर कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी अपने माता पिता की उपेक्षा करेगा तो उसके वेतन से पैसा काटकर माता पिता के खाते में भेज दिया जाएगा।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अभी इसकी घोषणा की है, लेकिन उन बुजुर्गों की उम्मीदें जाग गई हैं जो अपने बच्चों को सरकारी नौकरी तक पहुंचाने के बाद भी पैसों के लिए मोहताज हो रहे हैं। मुख्यमंत्री रेड्डी ने कहा है कि अगर बुजुर्ग माता पिता बच्चों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हैं तो उसे गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सरकारी सेवा कर रहे अधिकारी या कर्मचारी अपने माता पिता की देखभाल के लिए पैसा नहीं देते या अनदेखी करते हैं तो अधिकारी के खाते से 10 फीसदी राशि काटकर माता या पिता के बैंक एकाउंट में ट्रांसफर कर दी जाएगी। इसके लिए सरकार कानून बनाएगी। बुजुर्ग और दिव्यांग आबादी की सुरक्षा के लिए तेलंगाना सरकार ने कई घोषणाएं की हैं। इसको देखते हुए सरकार ने यह चेतावनी जारी की है। सरकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए डे केयर सेंटर भी स्थापित करेगी।
माता पिता की उपेक्षा सरकारी अफसरों को पड़ेगी महंगी!
