103 साल की वृद्धा अचानक जिंदा हो उठी
इससे बड़ी हैरान करने वाली बात क्या हो सकती है कि 103 साल की वृद्धा का अंतिम संस्कार करने की तैयारी ही रही थी और अचानक सांस फिर चलने लगी। परिवार वालों ने शमशान ले जाने की जगह उसका जन्मदिन मनाया।
ये कोई कहानी नहीं बल्कि हकीकत है। महाराष्ट्र सहित पूरे देश में यह घटना चर्चा का विषय बन गई है। नागपुर जिले के रामटेक में कई लोग इस अनोखी घटना के साक्षी बने। 103 साल की वृद्धा गंगाबाई साखरे के शरीर ने काम करना बंद कर दिया था और कोई गतिविधि नहीं हो रही थी। उम्र को देखते हुए परिजनों ने को मृत मान लिया गया था। घर में शोक उत्पन्न हो गया। परिवार और रिश्तेदारों को भी सूचना दे दी गई और श्मशान ले जाकर अंतिम संस्कार की तैयारी भी कर ली गई। नई साड़ी पहनाई गई, हाथ-पैर बांधे गए और परंपरा अनुसार नाक में रुई रखी गई। अंतिम दर्शन के लिए दूर-दराज से लोग पहुंचने लगे। बांस की अर्थी पर ले जाने की तैयारियां चल रही थीं तभी गंगाबाई के हाथ पैर हिलने लगे। इसे देख लोग चौंके फिर नाक से रुई हटाई गई तो सांस भी चल रही थी। तुरंत लोगों ने गंगाबाई को अर्थी से उतारा और पलभर में माहौल बदल गया। परिवार और रिश्तेदार खुश हो गए। उसी दिन उनका जन्मदिन भी था। सभी ने केक काटकर जन्मदिन मनाया।
अंतिम संस्कार की जगह मना जन्मदिन…













