* 14 घंटे बाद तालाब की गहराई से मिला 14 वर्षीय दीपक का शव
उज्जैन। नहाने के लिए तालाब में उतरा 14 साल का दीपक फिर कभी घर नहीं लौट सका। निनोरा के जंगल क्षेत्र स्थित तालाब में रविवार दोपहर गहरे पानी में डूबे दीपक पिता मनोज नाथ की तलाश में एसडीआरएफ ने करीब 14 घंटे तक अभियान चलाया। सोमवार दोपहर करीब एक बजे गोताखोरों ने तालाब की गहराई से उसका शव बरामद किया।
इकलौते बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया, जबकि नया खेड़ा गांव में मातम पसरा है। नया खेड़ा निवासी दीपक रविवार दोपहर एक ग्रामीण साथी के साथ भैंस चराने निनोरा के जंगल क्षेत्र में गया था। इसी दौरान वह तालाब में नहाने के लिए उतर गया। बताया जा रहा है कि कुछ देर बाद दीपक गहरे पानी में डूबता दिखाई दिया। वहां से गुजर रही एक महिला ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर पुलिस और एसडीआरएफ को सूचना दी।सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम ने रविवार से तालाब में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। रातभर बोट और गोताखोरों की मदद से तलाश की गई, लेकिन दीपक का कोई पता नहीं चला। सोमवार सुबह फिर अभियान शुरू किया गया। करीब 14 घंटे की मशक्कत के बाद दोपहर करीब एक बजे टीम ने तालाब की गहराई से दीपक का शव बाहर निकाल लिया। नानाखेड़ा थाना प्रभारी नरेंद्र यादव ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर घटना की जांच शुरू कर दी है।
पहली पत्नी से था इकलौता बेटा
दीपक अपने पिता मनोज नाथ का इकलौता बेटा था। उसकी मां का करीब छह वर्ष पहले निधन हो गया था। इसके बाद पिता ने दूसरी शादी कर ली। परिवार का इकलौता बेटा होने के कारण दीपक की मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। बेटे का शव घर पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव में भी घटना के बाद से शोक का माहौल है।










