* विरोध के बीच उज्जैन में दशहरा मैदान पर पैरों में लांग शू और सिर पर सींग वाले मुकुट के साथ दिखेगा रावण
उज्जैन। अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज ने उज्जैन की धरती से रावण दहन के विरुद्ध एक नया शंखनाद किया है।वह दशहरा मैदान उत्सव समिति सहित चार संस्थाओं को कानूनी नोटिस जारी करने जा रहा है। इस तरह महाकाल नगरी से एक कानूनी जंग शुरू होने के आसार दिखाई दे रहे। दूसरी ओर आयोजकों ने रावण दहन की तैयारी तेज कर दी है।
इस बार मुख्य आयोजन स्थल दशहरा मैदान पर रावण पैरों में लांग शू और सिर पर बड़े बड़े सींग वाला मुकुट एकदम राक्षसी मुद्रा में होगा। राजसी वेश में कवच के साथ 40 फीट लंबी तलवार भी हाथ में दिखाई देगी। 101 फीट ऊंचा रावण बनाने के लिए कलाकार जुटे हुए हैं, लेकिन रावण दहन के विरुद्ध उठी आवाज अब और मुखर होने जा रही है।
इस बार 20 अक्टूबर को दशहरा है और दशहरा मैदान पर हर साल की तरह रावण दहन कार्यक्रम होगा। इस बार यह उत्सव पिछले साल तक रावण दहन परंपरा को सहेजने वाले ओम अमरनाथ की खत्री की स्मृति पर समर्पित रहेगा। उनका निधन 28 जून 2026 को ही हुआ है। दशहरा मैदान पर सुदर्शन नगर, नीलगंगा निवासी रामलखन कहार और उनकी टीम द्वारा बांस आदि से रावण का ढांचा तैयार किया जा रहा है। आयोजन समिति के सचिव मनीष शर्मा ने बताया इस बार भी यह 101 फीट ऊंचा ही होगा। आकर्षक आतिशबाजी भी होगी। इस बार राजसी और राक्षसी मुद्रा में रावण दिखाई देगा। मुकुट पर बड़े बड़े सींग होंगे तो बड़े बड़े दांत भी दिखाई देंगे। सीने पर बड़ा कवच होगा और एक हाथ में 40 फीट लंबी दोधारी तलवार भी होगी। पिछले दस दिनों से रावण बनाने का काम 8 लोगों की टीम द्वारा किया जा रहा है। पिछले साल तेज बारिश के करण रावण जल नहीं सका था। इसके बावजूद आयोजन समिति के अध्यक्ष शिवा खत्री के साथ आयोजक दोगुने उत्साह के साथ रावण दहन कार्यक्रम के लिए जुटे हुए हैं।

रावण दहन क्यों, आयोजकों से पूछेंगे शास्त्रोक्त जवाब फिर मामला जाएगा कोर्ट
अभा युवा ब्राह्मण समाज के संस्थापक अध्यक्ष पं.महेश शर्मा ने कहा कि रावण दहन करना उचित नहीं है। भगवान राम ने रावण का वध किया था, दहन नहीं। इसका हम विरोध करते आ रहे हैं और इस बार शहर की चार प्रमुख संस्थाओं को वकील के माध्यम से नोटिस जारी कर जवाब मांगेंगे कि किस शास्त्र के आधार पर रावण दहन किया जा रहा। रावण दहन मनोरंजन के लिए करना उचित नहीं है। दशहरा मैदान उत्सव समिति के अलावा, कार्तिक मेला दशहरा उत्सव समिति, शास्त्री नगर और सिद्धवट उत्सव समिति को ये नोटिस जारी किए जाएंगे। शहर में पोस्टर भी लगाकर लोगों और खासतौर से ब्राह्मणों से अनुरोध किया जाएगा कि रावण दहन में न जाएं। इसके बाद कोर्ट में।पिटिशन दायर की जाएगी।
पिटिशन भी लगाएंगे
अभा युवा ब्राह्मण समाज रावण दहन के विरुद्ध लगातार आवाज उठा रहा है। अगर रावण दहन करने वाली संस्थाओं ने उचित और संतोषजनक जवाब नहीं दिया तो कोर्ट में पिटिशन भी दायर की जाएगी।

पं. महेश पुजारी, संस्थापक अध्यक्ष अभा युवा ब्राह्मण समाज










