बोले- माफ कीजिए, आज मैं थोड़ा भावुक हो गया हूं… बचपन की यादें इस घर से जुड़ी हैं
सिंहस्थ के लिए अपने घर से शुरुआत, बोले- हिंदू, मुस्लिम, ईसाई सभी दे रहे हैं योगदान
उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार सुबह अपने 60 साल पुराने पैतृक मकान पर सड़क चौड़ीकरण के लिए पहली कुदाल चलाते हुए भावुक हो उठे। अपने हाथों से मकान का हिस्सा तोड़ने की शुरुआत करने से पहले उन्होंने पूजा-अर्चना की और इसके बाद गेती चलाकर सड़क चौड़ीकरण के काम की शुरुआत कराई। इस दौरान उनकी आंखें भर आईं और गला रुंध गया।

बाद में मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने खुद कहा, “माफ कीजिए, आज मैं थोड़ा भावुक हो गया हूं। बचपन की यादें इस घर से जुड़ी हुई हैं।” उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के लिए पूरा शहर अपने-अपने स्तर पर योगदान दे रहा है। सड़क चौड़ीकरण के लिए लोग अपने मकान और निर्माण हटा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू, मुस्लिम और ईसाई सभी अपने धर्मस्थलों को भी हटाने में सहयोग कर रहे हैं और एक अच्छा आदर्श सामने रख रहे हैं।
अपने घर से ही दी विकास में योगदान की मिसाल
आरएनटी मार्ग पर अब्दालपुरा स्थित मुख्यमंत्री का यह पैतृक निवास करीब 60 साल पुराना है। सड़क चौड़ीकरण की जद में आने के कारण नगर निगम ने कुछ समय पहले मकान पर लाल निशान लगाए थे। रविवार सुबह मुख्यमंत्री ने मौके पर पहुंचकर पहले पूजा-अर्चना की और फिर खुद गेती चलाकर अपने पैतृक मकान का हिस्सा हटाने की शुरुआत की। खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक करीब 730 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। मार्ग चौड़ीकरण और विकास कार्य के लिए राज्य शासन द्वारा करीब 9.80 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
सिंहस्थ के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग
यह मार्ग शहर के महत्वपूर्ण और व्यस्त संपर्क मार्गों में शामिल है। आगामी सिंहस्थ महापर्व के दौरान उज्जैन में श्रद्धालुओं और वाहनों की संख्या में संभावित वृद्धि को देखते हुए सड़क चौड़ीकरण का काम कराया जा रहा है। मार्ग के चौड़ा होने से यातायात को अधिक सुगम और व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री का अपने ही पैतृक मकान से सड़क चौड़ीकरण की शुरुआत करना इस अभियान का भावनात्मक पक्ष भी सामने लाया। जिस घर से बचपन की यादें जुड़ी थीं, उसी घर पर विकास के लिए पहली कुदाल चलाकर डॉ. यादव ने सिंहस्थ के लिए व्यक्तिगत योगदान की मिसाल पेश की।











