महिला जेलर को कैदी से हुआ इश्क… और कर लिया विवाह

प्यार में कभी कभी ऐसा भी हो जाता है… जेल से रिहा होने के चार साल बाद उठाया कदम
Newjline.com
“इश्क़ किसी से करना है तो बेहद करना चाहिए, क्योंकि हदें तो सरहदों की होती हैं, दिलों की नहीं।” इसका एक दिलचस्प उदाहरण मध्यप्रदेश के छतरपुर में सामने आया है। केंद्रीय जेल सतना में हत्या के मामले में सजा काटने आए धर्मेंद्र सिंह चंदला (अभिलाष) से जेल में पदस्थ सहायक जेल अधीक्षक फिरोजा खातून की पहले दोस्ती हुई फिर वह इश्क में बदल गई और अब दोनों ने हिंदू रीति रिवाज से विवाह कर लिया है। धर्मेंद्र चार साल पहले ही हत्या के मामले से बरी होकर जेल से बाहर आ चुका है।
ऐसी कहानी फिल्मों में ही देखने को मिल सकती है, लेकिन सहायक जेल अधीक्षक फिरोजा खातून ने रियल लाइफ में अनोखा कदम उठाकर सभी को चकित कर दिया। 5 मई 2026, मंगलवार को दोनों विवाह बंधन में बंध गए। भारत के इतिहास में यह संभवतः पहला ऐसा मामला है, जिसमें कोई महिला जेलर किसी कैदी के इश्क में कैद हो गई हो और हमेशा के लिए उसकी कैद में आ गई। शादी करने के लिए सहायक जेल अधीक्षक फिरोजा को अपने परिवार का विरोध भी सहना पड़ा, लेकिन वह पीछे नहीं हटीं और बकायदा आमंत्रण पत्र छपवाकर शादी रचाई। लवकुश नगर स्थित कृष्ण मैरिज गार्डन में दोनों की शादी धूमधाम से हुई। शादी में इस बात की भी खूब चर्चा रही कि प्यार में कभी कभी ऐसा हो जाता है…।
उम्रकैद हुई पर अच्छे आचरण से मिली आजादी…
धर्मेंद्र को 2007 में छतरपुर के तत्कालीन नगर परिषद उपाध्यक्ष कृष्णदत्त दीक्षित की हत्या के मामले में उम्रकैद हुई थी। 14 साल तक उसने सजा काटी। इस दौरान जेल में वारंट इंचार्ज के रूप में पदस्थ फिरोजा और धर्मेंद्र संपर्क में आए। दोनों को कब एक दूसरे से इश्क हो गया पता नहीं चला। चार साल पहले ही धर्मेंद्र को जेल से आजादी मिल गई। अच्छे आचरण के कारण उसे जेल से रिहा कर दिया गया था। इसके बाद दोनों और करीब आए और साथ जिंदगी बिताने का फैसला किया। फिरोजा के परिजन इस शादी के लिए सहमत नहीं हो रहे थे। फिरोजा ने काफी कोशिश की, लेकिन न माने तो आखिरकार हिन्दू रीति रिवाज से शादी हो गई। आमंत्रण पत्र में धर्मेंद्र की जगह अभिलाष नाम लिखाया गया था। बजरंग दल के लोगों ने मिलकर कन्यादान किया।