- लंदन से पत्नी और बेटी का जन्मदिन मनाने मेरठ आया था सौरभ
- शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में सीमेंट से चुन दिया था
14 अक्टूबर बुधवार
देशभर में सनसनी फैलाने वाले मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में आज सजा का दिन है। पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी ठहराई गई पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को अदालत बुधवार को सजा सुनाएगी। तीन मार्च 2025 की रात हुई इस वारदात में न केवल सौरभ की हत्या की गई, बल्कि साक्ष्य मिटाने के लिए उसके शव के टुकड़े कर नीले प्लास्टिक के ड्रम में भर दिए गए और सीमेंट से बंद कर दिया गया था। हत्या के बाद दोनों हिमाचल प्रदेश घूमने चले गए थे। जब इस वारदात का खुलासा हुआ तो मेरठ से लेकर देशभर में आक्रोश फैल गया। सड़क से लेकर सामाजिक माध्यमों तक यह मामला चर्चा का विषय बन गया था। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने 30 सितंबर को मुस्कान और साहिल को दोषी करार दिया था। अब सभी की निगाहें अदालत के फैसले पर टिकी हैं कि दोनों को उनके अपराध के लिए क्या सजा मिलती है। इंद्रानगर निवासी सौरभ राजपूत ने वर्ष 2016 में ब्रह्मपुरी निवासी मुस्कान रस्तोगी से प्रेम विवाह किया था। सौरभ लंदन में नौकरी करते थे, जबकि मुस्कान मेरठ में किराए के मकान में रहती थी। इसी दौरान मुस्कान की अपने पुराने दोस्त साहिल शुक्ला से नजदीकियां बढ़ गईं। दोनों के बीच संबंध होने की जानकारी सौरभ को लग गई थी। वह इसका विरोध करने लगा था, जिसके बाद रिश्तों में तनाव बढ़ गया।

24 फरवरी 2025 को सौरभ अपनी छह वर्षीय बेटी पीहू और पत्नी मुस्कान का जन्मदिन मनाने के लिए लंदन से मेरठ आया था। परिवार के साथ खुशियां मनाने के लिए आया सौरभ इस बात से अनजान था कि कुछ ही दिनों बाद वह एक ऐसी साजिश का शिकार हो जाएगा, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया।
अभियोजन के अनुसार, संबंधों में बाधा बनने पर मुस्कान ने साहिल के साथ मिलकर सौरभ की हत्या कर दी। तीन मार्च 2025 की रात नशे की गोलियां देने के बाद सौरभ की हत्या की गई। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने और साक्ष्य मिटाने की तैयारी की गई।
हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए मुस्कान और साहिल ने जिस क्रूर तरीके को अपनाया, उसे सुनकर लोग सिहर उठे थे। दोनों ने चाकू और उस्तरे से सौरभ का सिर धड़ से अलग कर दिया था। उसके दोनों हाथों की कलाइयां भी काट दी थीं। इसके बाद शव के टुकड़ों को ठिकाने लगाने के लिए नीले ड्रम का इंतजाम किया गया।
दोनों बाजार से अनाज रखने के बहाने नीले रंग का प्लास्टिक ड्रम खरीदकर लाए। इसके साथ ही सीमेंट, बालू और डस्ट भी खरीदी। सौरभ के शव के टुकड़ों को पॉलिथीन में लपेटकर ड्रम में रखा गया। इसके बाद दुर्गंध बाहर न फैले और वारदात का पता न चले, इस मंशा से ड्रम में सीमेंट और डस्ट का भारी घोल डालकर उसे बंद कर दिया गया।
सौरभ की हत्या और शव को ड्रम में छिपाने के बाद मुस्कान और साहिल हिमाचल प्रदेश घूमने चले गए थे। इस वारदात के सामने आने के बाद पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने 30 सितंबर को मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया था।












