उज्जैन: डिवाइन वेस्ट मैनेजमेंट पर 50 हजार का जुर्माना

  • गीला-सूखा कचरा अलग नहीं मिलने पर एजेंसी पर कार्रवाई के निर्देश
  • घरेलू कचर सड़क सफाई वाले वाहनों में घरेलू कचरा डालने पर रोक

स्वच्छता व्यवस्था में लापरवाही पर उज्जैन में नगर निगम ने आईईसी एजेंसी डिवाइन वेस्ट मैनेजमेंट पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाने के निर्देश दिए हैं। वार्डों में कचरे का अलग अलग संग्रहण नहीं होने पर निगम अधिकारियों ने यह कार्रवाई की। स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 की तैयारियों को लेकर बुधवार को हुई समीक्षा बैठक में अपर आयुक्त पवन कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता के नियमों के पालन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर निगम के मीटिंग हॉल में अपर आयुक्त पवन कुमार सिंह और उपायुक्त योगेंद्र सिंह पटेल की उपस्थिति में हुई बैठक में स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों और आगामी कार्ययोजना की समीक्षा की गई। बैठक में कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित नहीं होने का मुद्दा प्रमुखता से उठा। इसके बाद आईईसी एजेंसी डिवाइन वेस्ट मैनेजमेंट पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाने के निर्देश दिए गए।
अपर आयुक्त ने निर्देश दिए कि घरों से निकलने वाले कचरे का पृथक्करण उसके स्रोत यानी घर से ही सुनिश्चित किया जाए। नागरिकों को गीला और सूखा कचरा अलग-अलग देने के लिए जागरूक किया जाए। जो लोग समझाइश के बाद भी सहयोग नहीं करते, उन्हें चिह्नित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
स्वास्थ्य अधिकारियों और स्वच्छता निरीक्षकों को कचरा संग्रहण वाहनों की नियमित निगरानी तथा निर्धारित मार्ग के अनुसार संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। घरेलू कचरा सड़क सफाई वाले वाहनों में डालने पर रोक रहेगी। ऐसा करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति या कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
शहर में चिह्नित कचरा संवेदनशील स्थलों (जीवीपी) को समाप्त करने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा गया। इन स्थानों पर दोबारा कचरा जमा न हो, इसके लिए नियमित निगरानी और नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। बैठक में स्पष्ट किया गया कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 में बेहतर प्रदर्शन के लिए नगर निगम के साथ नागरिकों और संबंधित एजेंसियों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। बैठक में सहायक आयुक्त रविकांत मगरदे, प्रफुल्ल गठरे, राघवेंद्र सिंह पालिया, स्वास्थ्य अधिकारी आनंद विजय सिंह राठौर, हरीश व्यास, विभिन्न सेक्टरों के स्वच्छता निरीक्षक और आईईसी एजेंसी के सदस्य उपस्थित रहे।