उज्जैन में बनेगा पहला ‘जीरो वेस्ट स्कूल’

  • कचरे से बनेगी स्वच्छता की पाठशाला
  • शासकीय पंडित दीनदयाल विद्यालय होगा जीरो वेस्ट स्कूल

15 अक्टूबर, गुरुवार
शहर में स्वच्छता का पाठ अब स्कूल से पढ़ाने की तैयारी है। सिंहस्थ-2028 से पहले उज्जैन में कचरा प्रबंधन को नई दिशा देने के लिए शासकीय पंडित दीनदयाल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, माधवगंज को ‘जीरो वेस्ट स्कूल’ के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां कचरे को कम करने, गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने तथा उसके उचित निस्तारण की व्यवस्था विकसित करने पर जोर रहेगा। मकसद है कि विद्यार्थी केवल किताबों में पर्यावरण संरक्षण न पढ़ें, बल्कि उसे अपनी दिनचर्या में भी अपनाएं।
सीआईटीआईआईएस 2.0 परियोजना के तहत प्रस्तावित इस पहल का जायजा लेने उज्जैन स्मार्ट सिटी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. नेहा जैन विद्यालय पहुंचीं। उन्होंने व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस पहल के जरिए स्कूल परिसर को कचरा प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था के उदाहरण के रूप में विकसित करने की तैयारी है।
जीरो वेस्ट स्कूल की अवधारणा का उद्देश्य कचरे को सीधे फेंकने के बजाय उसका पृथक्करण, पुनः उपयोग और उचित निस्तारण सुनिश्चित करना है। विद्यालय में इस दिशा में व्यवस्थाएं विकसित होने से विद्यार्थियों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के व्यावहारिक तरीके सीखने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थी इन आदतों को घर और आसपास के क्षेत्रों तक भी पहुंचा सकेंगे।
डॉ. नेहा जैन ने स्मार्ट सिटी और नगर निगम की टीम के साथ गौघाट तथा एमआर-5 स्थित पुराने और नए कचरा स्थानांतरण केंद्रों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कचरा संग्रहण और परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने तथा घर-घर से कचरा उठाने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और सुचारू करने के निर्देश दिए।
सिंहस्थ-2028 के दौरान उज्जैन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की संभावना है। ऐसे में शहर की स्वच्छता व्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा। इसे देखते हुए कचरा संग्रहण से लेकर उसके परिवहन और निस्तारण तक की व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है। जीरो वेस्ट स्कूल की पहल इसी व्यापक तैयारी का हिस्सा है, जिसमें स्वच्छता को केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि नागरिकों की आदत बनाने पर भी जोर है।