अमिताभ बच्चन को दिल्ली हाईकोर्ट में होना होगा पेश!

  • 16 नवंबर को अगली सुनवाई, चार साल पुराने पर्सनैलिटी राइट्स केस में अदालत की हिदायत, समझौता अधूरा रहा तो खुद हाजिर होना पड़ेगा

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन को दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों (पर्सनैलिटी राइट्स) से जुड़े चार साल पुराने मामले में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि यदि प्रतिवादियों के साथ समझौता नहीं हो पाता और अमिताभ बच्चन मुकदमा आगे बढ़ाना चाहते हैं, तो उन्हें अगली सुनवाई में खुद उपस्थित रहना होगा। मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर 2026 को होगी।
क्यों अमिताभ बच्चन को कोर्ट में होना होगा पेश?
जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव की पीठ को बताया गया कि मामले में कुछ प्रतिवादियों के साथ मध्यस्थता के जरिए समझौता हो चुका है। हालांकि, व्यावहारिक कारणों से समझौते के दस्तावेजों पर औपचारिक हस्ताक्षर नहीं हो पाए। अदालत ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के लिए समय दिया है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि समझौता नहीं होता या प्रक्रिया अधूरी रहती है, तो अमिताभ बच्चन को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। अदालत ने यह निर्देश संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत मामले की आगे की कार्यवाही के लिए दिए हैं।
2022 में अमिताभ बच्चन ने दायर की थी याचिका
अमिताभ बच्चन ने 25 नवंबर 2022 को दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने नाम, तस्वीर, आवाज और पहचान के अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की थी। उनका कहना था कि कुछ लोग उनकी लोकप्रियता का फायदा उठाकर व्यावसायिक गतिविधियों में उनकी पहचान का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनमें लॉटरी से जुड़ी गतिविधियां भी शामिल थीं। इस मामले में अमिताभ बच्चन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने पक्ष रखा था। दिल्ली हाईकोर्ट ने वर्ष 2022 में अमिताभ बच्चन के व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए अंतरिम आदेश जारी किया था। अदालत ने उनके नाम, चेहरे और आवाज का बिना अनुमति व्यावसायिक प्रचार के लिए इस्तेमाल किए जाने पर रोक लगाने संबंधी निर्देश दिए थे।
अब चार साल पुराने इस मामले में समझौते की प्रक्रिया पूरी होने और आगे की सुनवाई पर नजर रहेगी। 16 नवंबर को होने वाली सुनवाई में मामले की अगली दिशा स्पष्ट हो सकती है।