Newjline.com report
प्रसिद्ध कालभैरव के दर्शन बाद दर्शनार्थी अब फुट ओवरब्रिज (रैंप) से होकर विक्रांत भैरव मंदिर से होते हुए गढ़कालिका रोड से वापस जा सकेंगे और इसी रास्ते से आ सकेंगे। कालभैरव लोक बनाने के लिए यह ब्रिज बनाया जा रहा है। इसके शुरू होने पर मौजूदा एग्जिट गेट बंद हो जाएगा।
कालभैरव मंदिर का डेवलपमेंट 150 करोड़ रुपयों से किया जा रहा है। यह काम उज्जैन विकास प्राधिकरण के माध्यम से कराया जा रहा है। करीब 50 बीघा जमीन पर श्री कालभैरव लोक आकार लेगा। इसके लिए प्रशासन अभी जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया कर रहा है। लोक बनाने का टेंडर भी हो चुका है। बड़ी समस्या मौजूदा एग्जिट गेट बंद करने की है। इसके बंद होने पर ही लोक का काम शुरू हो सकेगा। इसके लिए मंदिर के पीछे नदी किनारे की ओर से विक्रांत भैरव रोड को जोड़ने के लिए एक रैंप जैसा फुट ओवरब्रिज बनाया जा रहा है। इससे दर्शनार्थी दर्शन करने के बाद रैंप से बाहर आ सकेंगे। इसके लिए मंदिर के पिछले हिस्से की दीवार को तोड़कर काम शुरू कर दिया गया है। इसे लोहे से बनाया जाएगा। इसके बनने के बाद ही मौजूदा एग्जिट गेट को बंद किया जा सकेगा। इस तरह जेल तिराहा से मंदिर की तरफ आवागमन पूरी तरह से बंद हो जाएगा। दर्शनार्थी गढ़कालिका मंदिर से होते हुए नए फोरलेन रोड से होकर विक्रांत भैरव मंदिर के सामने से प्रवेश करेंगे और रैंप से होकर बाहर निकल सकेंगे। यूडीए ईई कुलदीप रघुवंशी ने बताया रैंप का काम तेज कर दिया गया है।
कलेक्टर ने बनाया नया प्लान
रैंप बनाने का प्लान कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने दिया। इसके बाद योजना में बदलाव कर रैंप बनाया जा रहा है। हाल ही कलेक्टर सिंह ने इसका काम देखा और धीमे काम पर नाराजी जताई थी। इसके बाद से काम में तेजी आई और युद्धस्तर पर इसे बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। यह रैंप करीब 200 मीटर लंबा होगा और मंदिर के बाहर से नीचे होकर विक्रांत भैरव मंदिर के सामने जमीन पर डाउन होगा। सुलभ कॉम्प्लेक्स के बाहर ही सभी पार्किंग भी शिफ्ट होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक यह भी शामिल है।
उज्जैन के कालभैरव मंदिर में बदलेगी दर्शन व्यवस्था, बाहर निकलने के लिए बन रहा रैंप











