* दो बार महाकाल मंदिर भी आ चुकी हैं सनातनी नाजिया
सनातनी नाजिया के नाम से मशहूर सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता नाजिया इलाही खान ने 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या पर उज्जैन में अपने दिवंगत पूर्वजों का श्राद्ध और तर्पण करने की घोषणा की है। मुस्लिम पृष्ठभूमि से आने वाली नाजिया इलाही खान का यह फैसला चर्चा में है।
गुरुवार को इंदौर प्रवास के दौरान उन्होंने गोमूत्र के सेवन और नवरात्रि के गरबा आयोजनों को लेकर भी अपनी बेबाक राय रखी। नाजिया इलाही खान के अनुसार, वे पिछले कई वर्षों से अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की इच्छा रखती हैं। इस बार उन्होंने उज्जैन में सर्वपितृ अमावस्या के अवसर पर श्राद्ध और तर्पण करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि वे अपनी मजहबी पृष्ठभूमि से अलग हटकर पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करना चाहती हैं। अपने बयान में उन्होंने मुगल शासक औरंगजेब का भी उल्लेख किया और इसे मानवीयता से जोड़कर बताया।
रोज़ करती हैं गोमूत्र का सेवन, मिल रही धमकियां!
गोमूत्र को लेकर नाजिया इलाही खान ने दावा किया कि वह स्वयं नियमित रूप से इसका सेवन करती हैं। उनका कहना है कि इससे उन्हें स्वास्थ्य संबंधी लाभ महसूस होते हैं। उन्होंने सभी से गोमूत्र सेवन करने की अपील की। नाजिया ने यह भी दावा किया कि सनातन परंपराओं के समर्थन और गोमूत्र को लेकर दिए गए बयानों के कारण उन्हें धमकियां मिल रही हैं। पाकिस्तान से भी धमकियां मिलने का दावा किया और कहा कि वे इन धमकियों से डरने वाली नहीं हैं।
पिछले साल भी महाकाल मंदिर आई थीं

नाजिया इलाही खान 23 मार्च 2025 को श्री महाकालेश्वर मंदिर आई थीं। पवित्र रमजान महीने के दौरान मंदिर पहुंचकर उन्होंने गर्भगृह की दहलीज से बाबा महाकाल की विशेष पूजा-अर्चना की और नंदी जी का आशीर्वाद लिया था। मार्च 2026 में भी महाकाल मंदिर आई थीं।
नाजिया इलाही खान के बारे में ये भी जानिए
* नाजिया इलाही खान पश्चिम बंगाल की रहने वाली सर्वोच्च न्यायालय की अधिवक्ता और भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चे से जुड़ी राजनीतिक कार्यकर्ता हैं।
* वे मुस्लिम महिलाओं से जुड़े मुद्दों, तीन तलाक और धार्मिक-सामाजिक विषयों पर मुखर होकर अपनी राय रखने के लिए जानी जाती हैं।
* राष्ट्रीय स्तर पर पहचान तीन तलाक के खिलाफ कानूनी लड़ाई से मिली। वे इशरत जहां से जुड़े मामले में उनकी कानूनी पैरवी को लेकर चर्चा में आई थीं।
* वर्ष 2017 में सर्वोच्च न्यायालय ने तत्काल तीन तलाक यानी तलाक-ए-बिद्दत को असंवैधानिक घोषित किया था।
* मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों और समाज में सुधार से जुड़े मुद्दों पर लगातार अपनी बात रखती रही हैं।
* 2018 में भाजपा से जुड़ीं और पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चे में सक्रिय रहीं।
* मुस्लिम महिलाओं, तीन तलाक, मदरसा, वक्फ और धार्मिक-सामाजिक सुधार जैसे विषयों पर सार्वजनिक रूप से अपनी राय रखती रही हैं।
* सामाजिक माध्यमों पर वे ‘नाजिया सनातनी’ नाम से भी सक्रिय रही हैं।










