उज्जैन: व्यापारियों का बाजार बंद स्थगित

  • दीपावली तक महाकाल-गोपाल मंदिर मार्ग पर नहीं होगी तोड़फोड़
  • चौड़ीकरण विवाद पर जनप्रतिनिधियों का आश्वासन
  • दोबारा चर्चा के बाद ही होगा निर्णय
  • व्यापारियों ने सौंदर्यीकरण के लिए दिए पांच विकल्प

महाकाल नगरी उज्जैन में महाकाल चौराहा से गुदरी होते हुए गोपाल मंदिर तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण को लेकर जारी विवाद के बीच व्यापारियों को दीपावली तक राहत मिल गई है। सोमवार शाम सिंहस्थ मेला कार्यालय में हुई बैठक में जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि दीपावली तक प्रभावित बाजार में कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके बाद भी किसी निर्णय से पहले व्यापारियों के साथ दोबारा बैठक कर चर्चा की जाएगी। इस आश्वासन के बाद व्यापारी रहवासी महासंघ ने बाजार बंद का निर्णय स्थगित कर दिया है।


व्यापारियों का कहना है कि यह उज्जैन का प्राचीन व्यावसायिक बाजार है। प्रस्तावित चौड़ीकरण के लिए चार-चार मीटर तक मार्किंग किए जाने से बड़ी संख्या में दुकानों और प्रतिष्ठानों के प्रभावित होने की आशंका है। महासंघ ने जनप्रतिनिधियों के सामने बाजार की स्थिति रखते हुए छोटे व्यापारियों की आजीविका पर पड़ने वाले संभावित असर की ओर ध्यान दिलाया। इससे पहले महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रवि सोलंकी और सांसद अनिल फिरोजिया से मुलाकात कर व्यापारियों की समस्याओं और वैकल्पिक सुझावों से अवगत कराया था। बैठक में महासंघ ने सड़क चौड़ीकरण के स्थान पर बाजार को व्यवस्थित और सुंदर बनाने के लिए पांच सुझाव प्रस्तुत किए। इनमें भूमिगत बिजली केबल बिछाना, अनावश्यक बिजली के खंभे हटाना, नो-पार्किंग व्यवस्था लागू करना, बहुस्तरीय पार्किंग बनाना और एकतरफा यातायात व्यवस्था लागू करना शामिल है।
व्यापारियों का तर्क है कि इन उपायों से बाजार की व्यवस्थाओं में सुधार किया जा सकता है। महासंघ ने कहा कि वह विकास के विरोध में नहीं है, लेकिन विकास की प्रक्रिया में व्यापारियों की समस्याओं और सहमति को भी महत्व दिया जाना चाहिए।
बैठक में विधायक से लेकर निगमायुक्त तक रहे मौजूद
सोमवार शाम 6:30 बजे सिंहस्थ मेला कार्यालय के सभागृह में आयोजित बैठक में विधायक अनिल कालूहेड़ा, सिंहस्थ मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, नगर निगम सभापति कलावती यादव, निगमायुक्त अभिलाष मिश्रा और भाजपा नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल उपस्थित रहे। बैठक में व्यापारियों ने अपना पक्ष रखा। जनप्रतिनिधियों ने उनकी चिंताओं को सुनते हुए आश्वासन दिया कि दीपावली तक कोई कार्रवाई नहीं होगी। इसके बाद भी आगे का निर्णय लेने से पहले व्यापारियों के साथ फिर चर्चा की जाएगी।
बैठक में यह भी तय हुआ कि नगर निगम और विकास प्राधिकरण की टीम पूरे बाजार का दोबारा निरीक्षण करेगी। इसके बाद सौंदर्यीकरण की व्यावहारिक रूपरेखा तैयार की जाएगी। इससे चौड़ीकरण और बाजार की मौजूदा संरचना से जुड़े मुद्दों पर आगे की चर्चा का रास्ता खुलेगा।
महासंघ ने बैठक में अपनाए गए संवादात्मक रुख का स्वागत करते हुए जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के प्रति आभार जताया। बाजार बंद स्थगित होने से फिलहाल व्यापारिक गतिविधियां जारी रहने का रास्ता साफ हुआ है। अब व्यापारियों की निगाहें दीपावली के बाद होने वाली बैठक और बाजार के पुनः निरीक्षण पर टिकी हैं।