* गंभीर में घट रहा पानी, कम दबाव से परेशान रहवासी, पार्षदों ने अफसरों को घेरा
मध्यप्रदेश के उज्जैन शहर में पेयजल संकट गहराने लगा है। कहीं नलों से पानी नहीं आ रहा तो कहीं कम दबाव के कारण रहवासियों को जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल पा रहा है। सोमवार को भी कई क्षेत्रों में जलप्रदाय प्रभावित रहा। परेशान रहवासियों ने पार्षदों को फोन कर अपनी नाराजगी जताई तो पार्षदों ने भी नगर निगम के अधिकारियों के सामने समस्या उठाई। इधर, गंभीर जलाशय में पानी तेजी से घटने के बीच निगम पूरे शहर में समान रूप से जलप्रदाय करने की योजना तैयार कर रहा है। जलसंकट से निपटने के लिए कुछ क्षेत्रों में बोरिंग कराने पर भी विचार किया जा रहा है। जबकि उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा पाइपलाइन शिफ्टिंग और तकनीकी कारणों से 12 अक्टूबर को भैरवगढ़, गढ़कालिका, वृंदावनपुरा और जूना सोमवारिया सहित अन्य क्षेत्रों की पेयजल टंकियां पूरी क्षमता से नहीं भरी जा सकेंगी। इसके चलते मंगलवार, 13 अक्टूबर को वार्ड 1, 2, 8, 9, 10, 11 और 13 में जलप्रदाय नहीं किया जा सकेगा। इन क्षेत्रों के रहवासियों को पानी की व्यवस्था पहले से करने की जरूरत होगी।
वार्ड 6 में पानी नहीं आने पर पार्षद ने जताई नाराजगी
सोमवार को वार्ड 6 सहित तीन अन्य क्षेत्रों में जलप्रदाय प्रभावित होने और कुछ जगह कम दबाव से पानी आने की शिकायतें सामने आईं। इससे नाराज रहवासियों ने क्षेत्रीय पार्षदों से शिकायत की। वार्ड 6 के पार्षद शिवेंद्र तिवारी ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों के सामने नाराजगी जताते हुए कहा कि रोजाना पानी की समस्या आ रही है। रहवासी पार्षदों से जवाब मांग रहे हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।
मौके पर पहुंचे अपर आयुक्त और कार्यपालन यंत्री
शिकायतों के बाद अपर आयुक्त पवन सिंह और प्रभारी कार्यपालन यंत्री शिवम दुबे मौके पर पहुंचे। उन्होंने पार्षदों से चर्चा कर जलप्रदाय व्यवस्था की स्थिति जानी। चर्चा के दौरान पार्षदों ने कहा कि अभी सर्दी का मौसम है और यदि इस समय पानी की ऐसी समस्या बनी हुई है तो आने वाले दिनों में हालात कैसे संभलेंगे।
पूरे शहर में समान जलप्रदाय की योजना
अधिकारियों के अनुसार गंभीर जलाशय में पानी तेजी से कम हो रहा है। ऐसे में उपलब्ध जल का बेहतर प्रबंधन कर पूरे शहर में समान रूप से पानी पहुंचाने की योजना तैयार की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, जलसंकट से प्रभावित क्षेत्रों में बोरिंग कराने के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय और कार्ययोजना का इंतजार है।
शहर में लगातार सामने आ रही जलप्रदाय संबंधी शिकायतों के बीच अब निगाहें निगम की प्रस्तावित योजना पर टिकी हैं। रहवासी चाहते हैं कि जलप्रदाय में आ रही अनियमितता का स्थायी समाधान हो, ताकि उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशान न होना पड़े।











