जेएनयू के प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद का पुतला जलाएगी महिलाएं

* उज्जैन में भाजपा महिला मोर्चा ने किया आक्रामक रुख

* 9 अक्टूबर को जेएनयू ने जांच के बाद प्रोफेसर को सेवा से किया बर्खास्त

* महिला सम्मान के मुद्दे पर कांग्रेस नेतृत्व से जवाब मांग रही भाजपा

उज्जैन। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में छात्राओं की शिकायतों के बाद प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम को सेवा से बर्खास्त किए जाने का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ रहा है। इस मामले को लेकर भाजपा महिला मोर्चा उज्जैन सोमवार को दोपहर 1 बजे भाजपा कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन कर पुतला दहन करेगा।
भाजपा नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल की ओर से मीडिया प्रभारी दिनेश जाटवा द्वारा जारी सूचना में कहा गया है कि छात्राओं के साथ कथित अनुचित व्यवहार का मामला महिलाओं के सम्मान से जुड़ा गंभीर विषय है। इसी के विरोध में महिला मोर्चा प्रदर्शन करेगा।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जेएनयू में पढ़ने वाली 11 छात्राओं ने मई 2026 में प्रोफेसर अकोइजम के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई थीं। शिकायतों में मौखिक परीक्षाओं के दौरान निजी जीवन से जुड़े सवाल पूछने, यौन संकेतों वाली टिप्पणियां करने, अवांछित शारीरिक संपर्क और छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार के आरोप शामिल थे।
विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति ने शिकायतों की जांच की। इसके बाद 9 अक्टूबर को जेएनयू प्रशासन ने सेवा नियमों के तहत प्रोफेसर को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया। विश्वविद्यालय के अनुसार, यह निर्णय आंतरिक समिति की रिपोर्ट और निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर लिया गया। दूसरी ओर, अकोइजम ने आरोपों को झूठा और दुर्भावनापूर्ण बताया है।
भाजपा ने कांग्रेस नेतृत्व से भी मांगा जवाब
इस प्रकरण को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय स्तर के नेताओं ने भी कांग्रेस नेतृत्व की प्रतिक्रिया और सांसद के खिलाफ कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने 11 छात्राओं की शिकायतों का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी से इस मामले में जवाब और पार्टी स्तर पर कार्रवाई की मांग की।
भाजपा महिला मोर्चा का कहना है कि महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा से जुड़े मामलों में राजनीतिक दलों को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। उज्जैन में होने वाला प्रदर्शन भी इसी मुद्दे पर विरोध दर्ज कराने के लिए आयोजित किया जा रहा है।
महिला सम्मान पर जवाबदेही जरूरी