उज्जैन में आयुर्वेद हॉस्पिटल पर अचानक ताला, प्रिंसिपल बोले दो दिन में आएगा लेटर, छात्र बोले आज ही चाहिए

* लंबे समय से आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों के सब्र का बांध टूटा
स्टाइपेंड में समानता की मांग को लेकर शासकीय धन्वंतरि आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के करीब 250 विद्यार्थियों का आंदोलन अब उग्र रूप में सामने आ गया है। सोमवार को विद्यार्थियों ने आयुर्वेद कॉलेज और हॉस्पिटल पर ताले लगा दिए, जिससे हड़कंप मच गया। मुख्य द्वार पर ताले लगा दिए गए हैं। मौके पर पुलिस और अधिकारी भी पहुंचे और विद्यार्थियों से बात की जाए रही है।


अपनी मांग को लेकर विद्यार्थी पिछले कई दिनों से चरणबद्ध आंदोलन कर रहे हैं। इसी क्रम में छात्रों ने पहले भूख हड़ताल की फिर सरकार की सद्बुद्धि के लिए यज्ञ किया और सामूहिक रक्तदान कर अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की लेकिन कोई निर्णय नहीं हुआ तो आज सुबह तालाबंदी का कदम उठा दिया। इससे हड़कंप मच गया।

आयुर्वेद चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. ओपी शर्मा ने बताया मेन गेट पर सुबह 8 बजे से ही ताला लगा दिए जाने से स्टॉफ भी अन्दर नहीं जा सका। मरीज और उनके साथ आए परिजन भी मुख्य द्वार के बाहर खड़े रह गए। प्राचार्य डॉ. ओपी व्यास भी मौके पर पहुंचे और विद्यार्थियों से बात की लेकिन वे सुबह 10 बजे तक ताला न खोलने पर अड़े रहे। प्रिंसिपल डॉ. व्यास ने कहा कि दो दिन में भोपाल से पत्र आ जाएगा लेकिन विद्यार्थियों  ने कहा हमें आज ही चाहिए। विद्यार्थियों द्वारा पहले ही चेतावनी दी जा चुकी थी कि जब तक स्टाइपेंड बढ़ाने का लिखित शासकीय आदेश जारी नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलनकारी विद्यार्थियों के अनुसार आयुर्वेद के बीएमएस/एमडी विद्यार्थियों और एलोपैथी के एमबीबीएस विद्यार्थियों के स्टाइपेंड में लंबे समय से असमानता बनी हुई है। इसी अंतर को खत्म कर समानता की मांग की जा रही है। छात्र विक्रांत कुमार ने कहा था कि अब केवल मौखिक आश्वासन से बात नहीं बनेगी। सरकार को स्टाइपेंड बढ़ाने का लिखित आदेश जारी करना होगा। विद्यार्थियों ने बताया कि एक माह पहले अधिकारियों और आयुष मंत्री को ज्ञापन सौंपकर मांग रखी गई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 23 सितंबर को भोपाल में आयुर्वेद कॉलेज के विद्यार्थियों का स्टाइपेंड जल्द बढ़ाने की घोषणा की थी। छात्रों का कहना है कि घोषणा के बावजूद अब तक लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है, जिससे उनमें नाराजगी बढ़ रही है। इससे पहले हुए प्रदर्शन में विद्यार्थियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर शांतिपूर्ण तरीके से धरना दिया और सद्बुद्धि के लिए यज्ञ भी कर अपनी आवाज उठाई लेकिन सोमवार को मंगलनाथ मार्ग स्थित आयुर्वेद कॉलेज और चिमनगंज थाने के पास हॉस्पिटल पहुंचकर ताले लगा दिए।