सतपुड़ा भवन में 20 एसी के तार चोरी, 28 दिन बाद जागा महकमा

अब शिकायत में देरी की भी जांच, मंत्रालय के सामने हाई-सिक्योरिटी परिसर में सेंधमारी, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मंत्रालय के ठीक सामने स्थित सतपुड़ा भवन में करीब 20 एयर कंडीशनर के तांबे के तार चोरी होने की घटना ने सरकारी परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। राज्य के सबसे संवेदनशील प्रशासनिक भवनों में शामिल इस परिसर में चोरों ने तीसरी मंजिल पर स्थित राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के कार्यालय और गलियारे में लगे एसी को निशाना बनाया। वारदात के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को इसकी भनक तक नहीं लगी और शिकायत पुलिस तक पहुंचने में 28 दिन लग गए। अब चोरी के साथ-साथ शिकायत में देरी भी जांच के दायरे में है।
सुरक्षा के दावों पर सवाल, गलियारों के कैमरों की पड़ताल
सतपुड़ा भवन जैसे संवेदनशील परिसर में चोरी होना अपने आप में गंभीर सवाल खड़े करता है। गलियारों में सीसीटीवी कैमरे नहीं होने या उनके काम नहीं करने की आशंका ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल और बढ़ा दिए हैं। हालांकि, कैमरों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस अब भवन और आसपास के रास्तों पर लगे दूसरे कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके।
एडिशनल पुलिस कमिश्नर शैलेन्द्र सिंह चौहान ने मीडिया को बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस सतपुड़ा भवन और आसपास के मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच कर रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि घटना के 28 दिन बाद शिकायत मिलने और प्राथमिकी दर्ज होने में हुई देरी के कारणों की भी पड़ताल की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद जताई है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि चोर संवेदनशील परिसर में कैसे पहुंचे, करीब 20 एसी के तार काटकर ले जाने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था क्यों सक्रिय नहीं हुई और शिकायत दर्ज कराने में इतनी देर क्यों हुई।