- आज से शारदीय नवरात्र आरंभ, 51 फीट ऊंचे दीप स्तंभों पर प्रज्ज्वलित होंगे दीप
- रात का तापमान भी लुढ़का, 18° पर वापस आया
मध्यप्रदेश की धर्मनगरी उज्जैन में नवरात्रि शुरू होते ही माता मंदिरों में मां की आराधना के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है। प्रसिद्ध मां हरसिद्धि मंदिर में आज से नौ दिनों तक मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, नवचंडी पाठ, हवन और देवी के आकर्षक शृंगार के आयोजन होंगे। इस दौरान मंदिर के 51 फीट ऊंचे दोनों विशाल दीप स्तंभ 1011 दीपों से जगमगाएंगे। वहीं, नवरात्र के पूरे नौ दिनों तक माता की शयन आरती नहीं होगी।
51 फीट ऊंचे दीप स्तंभों पर जगमगाएंगे 1011 दीप
हरसिद्धि मंदिर की पहचान यहां स्थित दो विशाल दीप स्तंभ हैं। करीब 2000 वर्ष पुराने इन स्तंभों की ऊंचाई लगभग 51 फीट है और इन पर कुल 1011 दीपक लगे हैं। संध्या आरती के दौरान दीप प्रज्ज्वलित होने पर पूरा मंदिर परिसर रोशनी से नहा उठता है। दीपों की यह दिव्य छटा श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहती है। मंदिर के सहायक प्रशासक इंद्रेश लोधी के अनुसार, दोनों दीप स्तंभों को प्रज्ज्वलित करने में करीब 60 लीटर तेल और चार किलो रुई की बातियों का उपयोग होता है। पूरी प्रक्रिया में लगभग 40 मिनट लगते हैं। तेल के कारण स्तंभों पर फिसलन का खतरा रहता है, इसलिए दीप प्रज्ज्वलन का कार्य विशेष सावधानी से किया जाता है। उज्जैन का जोशी परिवार करीब 100 वर्षों से पीढ़ी-दर-पीढ़ी इस परंपरा का निर्वहन कर रहा है।
साल के अंत तक बुकिंग पूरी, 2027 के लिए 10 दिसंबर से पंजीयन
दीप स्तंभों पर दीप प्रज्ज्वलित कराने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहता है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, 31 दिसंबर 2026 तक दीप प्रज्ज्वलन की बुकिंग पूरी हो चुकी है। वर्ष 2027 के लिए बुकिंग 10 दिसंबर से शुरू की जाएगी। नवरात्र के दौरान सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन में शामिल होने के लिए श्रद्धालु 3100 रुपये की रसीद कटवा सकते हैं। दीपदान की यह परंपरा हरसिद्धि मंदिर की धार्मिक पहचान का अहम हिस्सा है।
सुबह 5 से रात 11 बजे तक दर्शन
नवरात्र के नौ दिनों में श्रद्धालु प्रतिदिन सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक माता के दर्शन कर सकेंगे। इस दौरान प्रतिदिन दो आरतियां होंगी, लेकिन शयन आरती नहीं की जाएगी। पहले दिन ब्रह्म मुहूर्त में घट स्थापना और विशेष पूजन होगा। गर्भगृह में पांच कलश स्थापित कर पूजा-अर्चना की जाएगी। अभिषेक के बाद माता का आकर्षक शृंगार किया जाएगा। मंदिर के पुजारी रामचंद्र गिरि के अनुसार, नवरात्र में माता के दर्शन का विशेष महत्व है। नौ दिनों तक देवी का विशेष शृंगार होगा और श्रद्धालु उनके रजत मुखौटे के दर्शन कर सकेंगे। घट स्थापना के साथ प्रतिदिन नवचंडी पाठ और हवन होंगे। दशमी तिथि से माता के शयन का क्रम फिर शुरू होगा।
नवरात्रि आते ही उज्जैन में लुढ़का रात का पारा
नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही उज्जैन में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। शनिवार रात न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 18 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इससे पहले शुक्रवार रात तापमान 18.3 डिग्री और 9 अक्टूबर की रात 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
तीन दिनों के भीतर रात के तापमान में 2 डिग्री की गिरावट से सुबह और देर रात हल्की ठंड का अहसास बढ़ने लगा है। अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में मौसम में आ रहे इस बदलाव के साथ ही शहर में गुलाबी ठंड की दस्तक महसूस होने लगी है। आने वाले दिनों में रात के तापमान में होने वाला उतार-चढ़ाव मौसम के मिजाज को और बदल सकता है।











