
उज्जैन। एक तरफ गढ़कालिका मंदिर का विकास कर लोक बनाने की तैयारी की जा रही है तो दूसरी तरफ इसी मंदिर के पास निजी जमीन पर बने वैभव लक्ष्मी मंदिर पर संकट खड़ा हो गया है। यूडीए ने नवरात्रि बाद मंदिर को हटाने के निर्देश दे दिए हैं। पुजारी परिवार का कहना है कि गर्भगृह सहित मंदिर को कहां के जाएं। प्रशासन ने इस बारे में कोई चर्चा ही नहीं की। इसके लिए वे यूडीए प्रशासन से भी मिलने का प्रयास कर रहे।
गढ़कालिका मंदिर के पास बने स्थिरमन गणेश और वैभवलक्ष्मी मंदिर के बीच से ओखलेश्वर श्मशान रोड जा रहा है, जो कालभैरव मंदिर को जोड़ता है। इसे फोरलेन किया जा रहा है। मंदिर के सामने से भी रोड चौड़ा हो रहा है। इस कारण वैभव।लक्ष्मी मंदिर का 4 हजार फीट एरिया एक तरफ और दूसरी तरफ से 3 हजार फीट जमीन चौड़ीकरण में आ रही है। इससे मंदिर का गर्भगृह भी आ रहा है। मंदिर के पुजारी पं. नरेंद्र शास्त्री ने बताया यूडीए ने कहा है कि नवरात्रि के बाद मंदिर हटा लिया जाए। प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार जमीन अधिग्रहण का मुआवजा और जमीन लेने पर स्वीकृति बन गई है तथा नवरात्रि बाद पुजारी परिवार द्वारा जमीन दे दी जाएगी।

दूसरी ओर पुजारी परिवार का कहना है कि मंदिर चौड़ीकरण में आ रहा है तो इस पर चर्चा कर यह बताया जाए कि इसे दूसरी जगह जहां बनाया जाएगा। यह मंदिर एकमात्र ऐसा है जहां अष्ट लक्ष्मी के मंदिर हैं और बरसों पुराना है। मंदिर की जमीन उनकी निजी है जो कुल करीब पौन बीघा है। हमने पहले ही रोड से 8 फीट जगह छोड़कर बनाया है लेकिन अब पूरा मंदिर ही लिया जा रहा है तो हम जहां जाएंगे। हम दो भाइयों का परिवार है और यूडीए केवल जमीन का ही मुवावजा दे रहा है जबकि पक्का मंदिर बना है और दूर दूर से लोग यहां दर्शन करने आते हैं।











