* महिदपुर से कांवड़ यात्रा के साथ मंदिर आईं बुजुर्ग, मंदिर समिति ने कराए सुगम दर्शन
जागरण उज्जैन। उम्र 106 साल, लेकिन महाकाल के प्रति आस्था में कोई कमी नहीं। महिदपुर से कांवड़ यात्रा के साथ महाकाल मंदिर आईं 106 वर्षीय महिला श्रद्धालु शुक्रवार को बाबा महाकाल के दरबार में पहुंचीं। उम्रदराज होने के बावजूद उनकी महाकाल दर्शन की इच्छा पूरी हुई। मंदिर प्रबंध समिति ने उनकी उम्र को देखते हुए विशेष सुविधा उपलब्ध कराई और उन्हें सुगमता से भगवान महाकाल के दर्शन कराए।
महिला श्रद्धालु के साथ कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालु भी इस पल के साक्षी बने। उन्होंने मंदिर समिति की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रियों के लिए दर्शन से लेकर बाबा को जल अर्पित करने तक बेहतर इंतजाम किए गए हैं। सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने उनसे बात की और उनकी आस्था पर अभिभूत भी हो उठे। सावन में बाबा महाकाल के दरबार में कांवड़ियों की आस्था लगातार उमड़ रही है। शुक्रवार शाम तक अलग-अलग स्थानों से आए 18 हजार कांवड़ यात्रियों ने भगवान श्री महाकालेश्वर को कांवड़ का जल अर्पित किया।
कांवड़ यात्रियों के साथ बड़ी संख्या में अन्य श्रद्धालु भी महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचे। शाम 6 बजे तक करीब 2 लाख 32 हजार 600 श्रद्धालुओं ने ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन किए। 106 वर्षीय श्रद्धालु की महाकाल भक्ति ने यह संदेश दिया कि बाबा के दरबार तक पहुंचने के लिए उम्र नहीं, आस्था चाहिए।ई
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